सावन माह के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि 16 अगस्त 2026 को शाम 4.52 पर शुरू होगी और 17 अगस्त को शाम 5 बजे तक रहेगी. इस दिन शिव जी के प्रिय भक्त नाग देवता की पूजा से खतरनाक कालसर्प दोष से मुक्ति पाई जा सकती है. उदया तिथि के अनुसार नाग पंचमी 17 अगस्त को है.

नाग पंचमी पर सावन सोमवार का संयोग भी बन रहा है. नाग देवता की पूजा के लिए सुबह 5.51 से सुबह 8.29 तक शुभ मुहूर्त है. इस दौरान घर के मुख्य द्वार की दीवार पर नाग देवता की आकृति बनाकर पूजा करें. शिव जी के गले में विराजमान सर्प की पूजा भी कर सकते हैं.

नाग पंचमी की पूजा के लिए नाग देवता की प्रतिमा या फिर चंदन से नाग देवता दीवार पर बनाएं, जल, दूध, गंगाजल, अक्षत, रोली या कुमकुम, हल्दी, चंदन, पुष्प, दूर्वा, बेलपत्र, धूप, दीप, नैवेद्य और फल शामिल करें.

नाग पंचमी पर सोमवार है इसलिए इस दिन सबसे पहले शिव जी की पूजा करें और फिर नाग देवता को पूजा, नाग देवता की मूर्ति पर जल, दूध और समस्त पूजन सामग्री चढ़ाएं. ॐ नागदेवताभ्यो नमः के साथ पूजा करें. मान्यता है इससे कालसर्प दोष से मुक्ति मिलती है.

कालसर्प दोष होने पर नौकरी भी बार-बार छूटती रहती है और कई बार कर्ज भी लेना पड़ जाता है. कुंडली में काल सर्प योग तो ज्योतिष की सलाह से जल्द से जल्द इसका निवारण करना चाहिए.

नाग पंचमी के दिन तवा और लोहे की कड़ाही में खाना बनाने से बचना चाहिए. जमीन खोदना शुभ नहीं माना जाता, जीवित सांप को नुकसान न पहुंचाएं, सुई, कैंची जैसी धारदार वस्तुओं का इस्तेमाल न करें.
Published at : 14 Aug 2026 12:24 PM (IST)
