हिमाचल प्रदेश में मानसून की भारी बारिश ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है. लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के चलते राज्य में 118 सड़कें बंद हो गई हैं. मौसम विभाग ने सोमवार और मंगलवार को पांच जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना को देखते हुए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है.
शनिवार शाम से कांगड़ा जिले के कई इलाकों में मध्यम से भारी बारिश दर्ज की गई. धर्मशाला में सबसे ज्यादा 96.2 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई, जबकि पालमपुर में 55 मिलीमीटर और कांगड़ा में 34.6 मिलीमीटर बारिश हुई.
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सड़कों पर थमा यातायात, कई सेवाएं प्रभावित
राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र (SEOC) के अनुसार, बारिश के कारण मंडी जिले में सबसे ज्यादा 48 सड़कें बंद हैं. इसके अलावा कुल्लू में 32, चंबा में 11, सिरमौर में 8, शिमला में 7, कांगड़ा में 6, ऊना में 4 और लाहौल-स्पीति में 2 सड़कें प्रभावित हुई हैं. भारी बारिश का असर बिजली और पेयजल व्यवस्था पर भी पड़ा है. अधिकारियों के मुताबिक प्रदेश में 216 जलापूर्ति योजनाएं और 19 बिजली ट्रांसफार्मर प्रभावित हुए हैं. प्रशासन की टीमें राहत और बहाली कार्य में जुटी हुई हैं.
बारिश से अब तक 79 लोगों की मौत
अधिकारियों के अनुसार, हिमाचल में 30 जून को मानसून के दस्तक देने के बाद से बारिश से जुड़ी घटनाओं में अब तक 79 लोगों की मौत हो चुकी है. इनमें भूस्खलन की घटनाओं में 14 लोगों की जान गई है, जबकि अचानक आई बाढ़ में एक व्यक्ति की मौत हुई है.
राज्य को 972 करोड़ रुपये का नुकसान
बारिश और प्राकृतिक आपदाओं के कारण राज्य को करीब 972 करोड़ रुपये के नुकसान का अनुमान लगाया गया है. प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचें और नदी-नालों के आसपास जाने से परहेज करें.
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