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शत्रुघ्न सिन्हा का बड़ा दावा, ‘BJP से मिला था ऑफर, ब्लैंक चेक…’


आसनसोल से टीएमसी सांसद शत्रुघ्न सिन्हा ने बड़ा दावा करते हुए कहा है कि उन्हें बीजेपी से ऑफर मिला था. साथ ही कई अन्य टीएमसी के नेताओं को ब्लैंक चेक भी मिला था. यह दावा उन्होंने एबीपी न्यूज को दिए एक इंटरव्यू में किया है. इसके अलावा उन्होंने तमाम मुद्दों पर भी चर्चा की. इस दौरान उनकी फिल्म से दोस्ताना का जिक्र करते हुए, ममता बनर्जी, अभिषेक बनर्जी और पीएम मोदी से उनके रिश्ते को लेकर सवाल किया गया. तो उन्होंने ममता बनर्जी की तारीफ करते हुए, उन्हें अपना नेता और सड़क की लड़ाई लड़ने वाली नेत्री करार दिया. 

उन्होंने कहा कि वह भाजपा जनता पार्टी में करीब-करीब 30 साल रहे. इस दौरान उन्होंने अटल बिहारी वाजपेयी और लालकृष्ण आडवाणी की तारीफ की. साथ ही इन दोनों सीनियर नेताओं की मौजूदगी में बीजेपी में जो परिवर्तन आया, उसका भी जिक्र किया. 

इस दौरान उन्होंने पीएम मोदी को लेकर कहा कि गुजरात का मुख्यमंत्री का एक दम से जो पार्टी में उभार हुआ, वो सभी को स्वीकार था. हम चाहते थे कि अगर वो लोग (सीनियर नेता) नहीं है, तो नरेंद्र मोदी आएं, और संभाले. जब वो आए तो हम उनके सहयोगी भी रह चुके हैं. वो मेरे दोस्त भी रह चुके हैं. आज भी उनको दोस्त मानता हूं. ये अलग बात है कि वो देश के गार्जियन और समाज के फ्रेंड हो चुके हैं. जब वो पार्टी के नेता के तौर पर उभरे तो हमने सभी ने, यशवंत सिन्हा ने भी उनका सहयोग किया. लेकिन जब आने के बाद देखा कि कुछ और परिवर्तन भी हो रहे थे. जिस तरह से दिग्गज और बड़े नेताओं को साइडट्रैक किया गया. तब मैं सावधान हो गया था. उसके बाद धीरे-धीरे मैं तेल और तेल की धार देखता रहा. उस समय जनहित की बातें की. एक वक्त बाद वो समय आ गया, जब अपना रास्ता तय करना था. पटना के इलेक्शन में जहां से दो बार सांसद था, वहां से खास साजिश के तहत हराया गया.

पीएम मोदी को फ्रेंड्स ऑफ सोसाइटी कहा है, गाइड कभी नहीं: शत्रुघ्न सिन्हा

इसके अलावा उन्होंने कहा कि उन्होंने पीएम मोदी को फ्रेंड ऑफ सोसाइटी कहा है, गाइड कभी नहीं कहा है. देश के प्रधानमंत्री है, उन्हें इस तरह से भी आदर हैं. मेरी चाहत भी थी कि वो प्रधानमंत्री बनें. उनको मैं हमेशा दोस्त मानता हूं, क्योंकि Once a Friend Always a Friend. जब 12 साल उन्होंने नेतृत्व किया, चाहे जैसे भी किया, वो बधाई के पात्र थे.

बीजेपी का ऑफर मना कर दिया, यह कहकर-टिकाऊ हैं बिकाऊ नहीं

इसके अलावा सिन्हा ने कहा टीएसमी के टूटने या कुछ लोग तोड़ने की कोशिश कर रहे थे, धनशक्ति के प्रभाव से या लालच देकर, या एजेंसी का इस्तेमाल करके, या जब बुरी तरह से नहीं हरा सके ममता बनर्जी को पश्चिम बंगाल में, लेकिन जब चुनाव के परिणाम आए, टीएमसी सीटों में पिछड़ गई, तो संविधान के टेक्निकल लूप होल निकालकर बीजेपी ने टीएमसी के लोगों को तोड़ना शुरू किया.

इस दौरान उन्होंने कहा कि हमारे नाम की भी घोषणा की गई. अब मैंने घोषणा सुनी कि बगावती नेताओं में आपका नाम सबसे पहले है, आपने सबसे पहले साइन किया, लेकिन इन सभी आरोपों पर सिन्हा ने मना कर दिया. इस दौरान बीजेपी ने संपर्क किया था. सुख सुविधाओं का ऑफर किया गया था. इसपर सिन्हा कहा कि उन्होंने यह कहते हुए मना कर दिया कि वो टिकाऊ हैं, बिकाऊ नहीं हैं. किसी तरह की सुख सुविधा नहीं चाहिए. हालांकि, इसके बाद उन्होंने मेरी सारी सिक्योरिटी हटा दी. जेड कैटेगिरी से जीरो सिक्योरिटी तक हटा दी. ऑफर दिया, उसका बुरा नहीं माना. इसके अलावा शत्रुघ्न सिन्हा ने कहा कि कोई मुझे प्यार से बुलाएगा, तो मुझे अच्छा लगेगा, लेकिन ऑफर अच्छा नहीं लगेगा. शत्रुघ्न सिन्हा ने अपने कैरेक्टर के साथ समझौता न करने से इनकार कर दिया है. 





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