महाराष्ट्र के विधानसभा क्षेत्रों में चल रहे वोटर लिस्ट के ‘स्पेशल इंटेंसिव रिविजन’ (एसआईआर) के तहत राज्य के कुल 9,78,54,049 वोटर्स में से 9,69,54,766 वोटर्स (99.08 प्रतिशत) को एन्यूमरेशन फॉर्म बांटे गए हैं. ऐसे में लगभग 1.8 करोड़ वोटर्स के नाम ड्राफ्ट लिस्ट से हट सकते हैं. इस बीच महाराष्ट्र् बीजेपी के पूर्व सांसद किरीट सोमैया ने आरोप मढ़ दिए हैं.
उन्होंने आरोप लगाया है कि मुंबई की विधानसभा सीटों के आंकड़ों में मृत मतदाताओं के नाम हटाए जाने की दर में बड़ा अंतर नजर आ रहा है. मानखुर्द शिवाजीनगर में यह 2.91% और अणुशक्तिनगर नगर में 2.36% है, जबकि माहिम में 7.72%, बायकुला में 6.71% और शिवड़ी में 6.26% दर्ज की गई है.
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किरीट सौमेया ने लगाए ये आरोप
किरीट सौमेया ने सोशल मीडिया पोस्ट में आंकड़े जारी किए हैं. इसमें उन्होंने लिखा, “मुंबई में मृत्यु के कारण मतदाताओं के नाम हटाए जाने के संबंध में विरोधाभास देखा गया. मानखुर्द में यह 2.91%, अणुशक्तिनगर नगर में 2.6% है, जबकि माहिम में 7.72%, भायखला में 6.71% और शिवदी में 6.26% है. मानखुर्द और अणुशक्तिनगर नगर विधानसभा क्षेत्रों में बांग्लादेशी मुस्लिम/प्रवासियों की बड़ी आबादी है.”
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने क्या बताया?
मुख्य चुनाव अधिकारी एस. चोकलिंगम ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि केवल 7,60,98,153 फॉर्म (77.77 प्रतिशत) ही साइन होकर और डिजिटाइज होकर वापस आए हैं. वे राजनीतिक दलों के साथ बैठक की अध्यक्षता करने के बाद मीडिया से बात कर रहे थे.
फिर भी एएसडीडी कैटेगरी के तहत कुल 1,80,60,697 फॉर्म (18.46 प्रतिशत) जमा नहीं हो पाए हैं, इसमें वे वोटर्स शामिल हैं जो अनुपस्थित ), दूसरी जगह चले गए, मृत या डुप्लिकेट हैं. 3,695,199 वोटर्स (3.78 प्रतिशत) के मामले में अभी कार्रवाई बाकी है. महाराष्ट्र में ड्राफ्ट वोटर लिस्ट से लगभग 1.80 करोड़ वोटर्स के नाम हटाए जा सकते हैं.
फॉर्म जमा करने की आखिरी तारीख कब?
वोटर्स से एन्यूमरेशन फॉर्म (ईएफ) जमा करने की आखिरी तारीख 17 अगस्त, 2026 तय की गई है.इसके बाद, 24 अगस्त 2026 को ड्राफ्ट वोटर लिस्ट (मतदाता सूची) जारी की जाएगी. इसके साथ ही, नागरिकों के लिए दावे और आपत्तियां दर्ज करने के लिए 23 सितंबर 2026 तक एक महीने का समय मिलेगा.
वोटर लिस्ट का फाइनल प्रकाशन 27 अक्टूबर 2026 को होना तय है.योग्य मतदाताओं के नाम लिस्ट से छूटने से रोकने के लिए जिला चुनाव अधिकारियों (डीईओ) को सख्त वेरिफिकेशन नियम लागू करने का निर्देश दिया गया है.
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