मुंबई के गोरेगांव पूर्व में स्थित BJP नगरसेविका प्रीति सातम के कार्यालय के बाहर स्वतंत्रता दिवस (15 अगस्त) के मौके पर फहराया गया राष्ट्रध्वज 16 अगस्त व 17 अगस्त की सुबह तक नहीं उतारा गया. राष्ट्रध्वज अगले दिन सुबह तक वैसे ही फहराता रहा, जिसपर शिवसेना (यूबीटी) ने इसपर नाराजगी जताई है.
इसके साथ ही शिवसेना (यूबीटी) ने इस मामले में दोषियों के खिलाफ नियमों के तहत कार्रवाई की मांग की है. ये मांग शिवसेना शाखाप्रमुख संदीप गाढ़वे ने की है और शिकायत भी दर्ज करवाई है.
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क्या है मामला?
दरअसल, प्रीती सातम के कार्यालय के बाहर स्वतंत्रता दिवस (15 अगस्त) के अवसर पर राष्ट्रध्वज फहराया गया था. ये राष्ट्रध्वज 16 अगस्त व 17 अगस्त की सुबह तक हटाया ही नहीं गया था. इस मामले पर शिवसेना ने नाराजगी जताई हैं और नियमों के तहत कार्रवाई की मांग की है. शिवसेना शाखा प्रमुख संदीप गाढ़वे इस संबंध में डिंडोशी पुलिस थाने के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक के पास शिकायत भी दर्ज कराई गई है. शिकायत के साथ निर्धारित समय के बाद भी राष्ट्रध्वज फहराए जाने के फोटो और वीडियो पुलिस को सौंपे गए हैं और कार्रवाई की मांग की गई है.
शिवसेना यूबीटी ने की जांच की मांग
ठाकरे गुट की शिवसेना ने मांग की है कि इस घटना की तत्काल और निष्पक्ष जांच की जाए. जांच में यह पता लगाया जाए कि क्या निर्धारित समय के बाद भी राष्ट्रध्वज ध्वजस्तंभ पर लगा हुआ था? क्या रात के समय उसे उचित तरीके से प्रकाशित किया गया था? राष्ट्रध्वज की स्थिति कैसी थी और क्या संबंधित व्यक्तियों ने जानबूझकर या लापरवाही से राष्ट्रध्वज के सम्मान को ठेस पहुंचाने वाली कोई कार्रवाई की. शिवसेना ने दोषी पाए जाने वाले व्यक्तियों के खिलाफ कानून के तहत कड़ी कार्रवाई की मांग की है.
बता दें कि 2022 तक ये नियम था कि कोई भी सार्वजनिक इमारत पर सूर्योदय से सूर्यास्त तक फहरा सकता था. हालांकि, 20 जुलाई 2022 को गृह मंत्रालय ने इसमें बदलाव किए थे. भारतीय संशोधित ध्वज संहिता के अंतर्गत, कोई भी व्यक्ति और आम नागरिक राष्ट्रीय ध्वज को 24 घंटे फहरा सकता है.
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