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डीके शिवकुमार सरकार पर भड़के CM विजय, ‘अपील करता हूं कि…’


तमिलनाडु और कर्नाटक के बीच सालों पुराना कावेरी जल विवाद अभी शांत भी नहीं हुआ था कि अब शिकारियों और वनकर्मियों के बीच हुई मुठभेड़ ने इसमें आग में घी डालने जैसा काम किया है. घटना के बाद से दोनों राज्यों के बीच तनाव बढ़ता दिखाई दे रहा है. रविवार (16 अगस्त) को तमिलनाडु सीएम विजय ने इसकी निंदा करते हुए डीके शिवकुमार सरकार पर तीखा हमला बोला और दो टूक कहा कि इस तरह की घटना को बिल्कुल बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. उधर, कर्नाटक सीएम ने घटना की न्यायिक जांच कराकर एक्शन लेने की बात कही है.

सीएम जोसेफ विजय ने घटना पर जताया आक्रोश

तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने इस घटना को लेकर कर्नाटक के मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार की आलोचना की है और उनसे इस मामले की निष्पक्ष जांच के लिए उच्चस्तरीय समिति का गठन करने की अपील की है. उन्होंने इस घटना को लेकर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट भी शेयर किया.

पोस्ट में सीएम विजय ने कहा, ‘यह बहुत ही दुखद और दिल दहलाने वाली घटना है कि कर्नाटक के चामराजनगर जिले के हनूर तालुक के गांवों में रहने वाले तमिल समुदाय के एंथनी सामी, जॉन रोज पीटर और कुमार की शनिवार (15 अगस्त, 2026) को तड़के कावेरी वन्यजीव अभयारण्य के इलाके में कर्नाटक वन विभाग के अधिकारियों की ओर से गोली मारकर हत्या कर दी गई.’ उन्होंने कहा, ‘मैं इस घटना की कड़ी निंदा करता हूं. इस घटना को लेकर कर्नाटक वन विभाग की तरफ से दी गई सफाई बिल्कुल भी स्वीकार्य नहीं है. इस बर्बरता से भरी घटना की निष्पक्ष जांच की जानी चाहिए.’

उच्चस्तरीय जांच कमेटी का किया जाए गठन- CM विजय

CM विजय ने कहा, ‘इस घटना की निष्पक्ष जांच के लिए एक उच्चस्तरीय जांच समिति का गठन किया जाना चाहिए और घटना के लिए जिम्मेदार लोगों को उचित सजा दी जानी चाहिए. इसके अलावा, कर्नाटक सरकार को पीड़ितों के परिवारों को हर संभव जरूरी मदद उपलब्ध करानी चाहिए.’

उन्होंने कहा, ‘मैं कर्नाटक सरकार से पुरजोर अनुरोध करता हूं कि भविष्य में कभी भी ऐसी कोई घटना दोबारा घटित न हो, यह सुनिश्चित किए जाने के लिए भी उचित और मजबूत कदम उठाए जाएं.’  

घटना को लेकर सीएम डीके शिवकुमार ने क्या कहा?

न्यूज एजेंसी IANS के मुताबिक, कर्नाटक के मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने कहा कि मुझे इस घटना के बारे में सुबह जानकारी मिली. वन विभाग के अधिकारी आए और उन्होंने मुझे घटना की प्रत्यक्ष जानकारी दी. उनकी बंदूकें जब्त कर ली गई हैं और जंगली जानवरों के मांस से भरे दो बैग भी बरामद किए गए हैं. इस घटना में एक व्यक्ति भागने में सफल रहा. अभी कुछ और जानकारियां सामने आएंगी. फिलहाल, अधिकारी अभी सभी तथ्यों को जुटा रहे हैं.’

उन्होंने कहा, ‘जंगल में हुई मुठभेड़ में कौन-कौन लोग शामिल थे और उनकी सुरक्षा को लेकर भी अधिकारियों ने जानकारी दी है. उन्होंने वहां मौजूद हमारे वनकर्मियों पर गोली चलाई थी. इसलिए मैंने पहले ही कहा कि मजिस्ट्रेट स्तर पर न्यायिक जांच भी होनी चाहिए और उचित जवाब और जरूरी कार्रवाई की जानी चाहिए. इसके अलावा, उन्हें कितना और किस तरह का मुआवजा दिया जा सकता है, इस संबंध में रिपोर्ट आने के बाद निश्चित रूप से मुआवजा दिया जाएगा.’ 

क्या है कावेरी जल विवाद?

कावेरी जल विवाद दक्षिण भारत में कावेरी नदी के पानी के बंटवारे को लेकर करीब 150 साल पुराना एक बहुत गंभीर विवाद है, जिसमें मुख्य रूप से दक्षिण भारत के दो राज्य तमिलनाडु और कर्नाटक शामिल आपस में भिड़े हुए हैं. इस मामला फिलहाल देश के सर्वोच्च अदालत में विचाराधीन है. यह विवाद मुख्य रूप से सिंचाई और पीने के पानी की जरूरतों को लेकर मानसून में कम बारिश होने पर गहरा जाता है. साल 2018 में सुप्रीम कोर्ट ने अपने ऐतिहासिक फैसले में कावेरी नदी को राष्ट्रीय संपत्ति घोषित किया और कर्नाटक राज्य को यह निर्देश दिया कि वह एक निर्धारित मात्रा में कावेरी नदी का पानी तमिलनाडु के लिए छोड़े. 

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