उत्तर प्रदेश के मेरठ में किठौर से सपा विधायक शाहिद मंजूर के एक बयान के बाद जिले की सियासत गरमा गई है. मंच से संबोधित करते हुए शाहिद मंजूर ने अपने विरोधियों को चुनौती देते हुए कहा, “जितने दूध के माफिया हैं, जितने जमीन के माफिया हैं, सब मिलकर आ जाएं. अगर उनकी मां ने दूध पिलाया है तो मुझे हराकर दिखाएं.”
विधायक के इस बयान के बाद बीजेपी नेताओं ने उनके खिलाफ मोर्चा खोल दिया बीजेपी नेता देवेंद्र गुर्जर ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर विधायक पर जमीनों के अवैध कारोबार से जुड़े होने के आरोप लगाए. उन्होंने लखनऊ के अलाया अपार्टमेंट मामले का भी जिक्र किया, जिसमें शाहिद मंजूर और उनके बेटे का नाम सामने आया था. हालांकि, लगाए गए राजनीतिक आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है.
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बीजेपी विधायक सतवीर त्यागी ने लगाए आरोप
वहीं, बीजेपी विधायक सतवीर त्यागी ने भी प्रेस वार्ता कर शाहिद मंजूर पर कई गंभीर आरोप लगाए. उन्होंने विधायक की कथित संपत्तियों और गतिविधियों को लेकर सवाल खड़े किए। हालांकि, इन आरोपों की सच्चाई जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी.
शाहिद मंजूर ने बयान से किया किनारा
विवाद पर शाहिद मंजूर ने सफाई देते हुए कहा कि उन्होंने किसी व्यक्ति विशेष को दूध या जमीन माफिया नहीं कहा. उनका बयान गलत काम करने वालों के खिलाफ था, चाहे वे किसी भी पार्टी से जुड़े हों फिलहाल सपा विधायक भले ही अब सफाई दे रहे हैं, लेकिन इस बयान ने मेरठ में राजनीति गर्मा दी है. आने वाले समय में यह बयानबाजी और तेज होने की उम्मीद है.
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शाहिद मंजूर लंबे समय से पश्चिमी यूपी की राजनीति में सक्रिय हैं और किठौर से कई बार विधायक रह चुके हैं. इस बीच किठौर क्षेत्र के कुछ मुस्लिम समाज के लोगों की ओर से भी उनके खिलाफ बयान सामने आए हैं. ऐसे में विधायक के बयान के बाद शुरू हुआ सियासी विवाद लगातार बढ़ता जा रहा है.
