उत्तर प्रदेश के उन्नाव जनपद के पोस्टमार्टम हाउस में अवैध वसूली के आरोपों ने स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मचा दिया है. आरोप है कि वीडियोग्राफी के नाम पर मृतकों के परिजनों से पांच-पांच हजार रुपये की मांग की जा रही थी. शिकायत के बाद सीएमओ ने पूरे मामले की जांच के आदेश दिए.
मामला तब सामने आया, जब सपा नेत्री आंचल वर्मा पोस्टमार्टम हाउस पहुंचीं और गरीब परिवार से कथित वसूली का मुद्दा उठाया. आरोप है कि पांच हजार रुपये की मांग पर परिजनों ने ढाई हजार रुपये दिए थे. महिला की डिलीवरी के दौरान अस्पताल में मौत हुई थी और पैनल से पोस्टमार्टम कराया जा रहा था.
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लंबे समय से वसूली का आरोप
मामले की जानकारी मिलते ही एसीएमओ नरेंद्र सिंह पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे. परिजनों से बातचीत की गई और कथित तौर पर लिए गए अतिरिक्त पैसे वापस कराने की बात कही गई. वहीं, सपा नेत्री ने आरोप लगाया कि पोस्टमार्टम हाउस में लंबे समय से गरीब परिवारों से वसूली की जा रही है. हालांकि स्वास्थ्य विभाग ने अपने किसी कर्मचारी के पैसे लेने से इनकार किया है.
वीडियोग्राफर को दिए गए थे पैसे
सीएमओ अजय शर्मा ने बताया कि जांच में पाया गया कि स्वास्थ्य विभाग का कोई भी आदमी पैसे के लेनदेन में नहीं था. वीडियोग्राफी के लिए बाजार से फोटोग्राफर बुलाया गया था और उसको फीस देने की बात सामने आई है. मैंने एसीएमओ साहब को भेजकर तत्काल जांच कराई और जो एक्स्ट्रा चार्ज लिया गया होगा, उसे वापस कराने के निर्देश दिए.
वही सीएमओ का कहना है कि भविष्य में वीडियोग्राफी के लिए बाजार से निजी फोटोग्राफर बुलाने के बजाय पुलिस विभाग से वीडियोग्राफर की व्यवस्था कराने को लेकर एसपी और डीएम से बातचीत की जाएगी. फिलहाल स्वास्थ्य विभाग की जांच में किसी कर्मचारी की संलिप्तता सामने नहीं आई है, लेकिन पोस्टमार्टम हाउस में कथित वसूली को लेकर सवाल जरूर खड़े हो गए हैं.
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