NEET पेपर लीक और छात्रों के प्रदर्शन से लेकर वंदे मातरम विवाद और पेलेट गन से घायल छात्र साहिल लोचब को न्याय दिलाने तक कांग्रेस नेता और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी लगातार केंद्र सरकार पर हमलावर हैं. शुक्रवार को राहुल गांधी साहिल की शिकायत पर FIR दर्ज कराने की मांग को लेकर संसद मार्ग थाने के बाहर धरने पर बैठ गए. करीब सात घंटे चले इस विरोध के बाद दिल्ली पुलिस ने साहिल की शिकायत पर अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ FIR दर्ज कर ली.
राहुल गांधी का आरोप है कि 20 जुलाई को जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान साहिल को पेलेट गन के छर्रे लगे, जिससे उसकी आंख की रोशनी प्रभावित हुई. राहुल का कहना है कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर इस तरह की कार्रवाई गंभीर मामला है और इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए. उन्होंने कहा कि FIR दर्ज होना न्याय की दिशा में पहला कदम है.
NEET पेपर लीक से शुरू हुई छात्रों की आवाज उठाने की मुहिम
NEET परीक्षा में कथित पेपर लीक और अनियमितताओं को लेकर राहुल गांधी पहले भी सरकार पर निशाना साधते रहे हैं. उनका कहना रहा है कि परीक्षा व्यवस्था में गड़बड़ी का सबसे बड़ा असर देश के छात्रों और युवाओं के भविष्य पर पड़ता है. उन्होंने छात्रों के मुद्दे को संसद में उठाने और उनके साथ खड़े रहने की बात कही थी. हालिया छात्र आंदोलन और जंतर-मंतर की घटनाओं ने इस मुद्दे को फिर राजनीतिक बहस के केंद्र में ला दिया है. राहुल गांधी का कहना है कि छात्रों की आवाज दबाने के बजाय उनकी शिकायतों पर कार्रवाई होनी चाहिए. इसी कड़ी में उन्होंने साहिल के मामले में पुलिस से FIR दर्ज करने की मांग उठाई.
पेलेट गन मामले में थाने के बाहर धरने पर बैठे राहुल
शुक्रवार को राहुल गांधी साहिल और कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेताओं के साथ संसद मार्ग पुलिस स्टेशन पहुंचे. उनका आरोप था कि साहिल की शिकायत पर FIR दर्ज करने में पुलिस टालमटोल कर रही है. पहले उन्होंने DCP से मुलाकात की और मांग रखी, लेकिन बातचीत से समाधान नहीं निकलने के बाद वह थाने के बाहर धरने पर बैठ गए. राहुल ने साफ कहा कि जब तक FIR दर्ज नहीं होगी, वह वहां से नहीं हटेंगे. उनके साथ प्रियंका गांधी समेत कांग्रेस के कई नेता भी मौजूद रहे. आखिरकार पुलिस ने साहिल की शिकायत पर अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ FIR दर्ज कर ली.
राहुल बोले- न्याय की दिशा में पहला कदम
FIR दर्ज होने के बाद राहुल गांधी ने कहा कि यह न्याय की दिशा में पहला कदम है. उन्होंने पैलेट के छर्रे दिखाते हुए पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाया और पूछा कि अगर पुलिस ने पैलेट गन नहीं चलाई तो फिर साहिल को ये छर्रे कैसे लगे. राहुल ने यह भी आरोप लगाया कि मामले में ऊपर से न्याय की प्रक्रिया को रोकने की कोशिश की जा रही थी. उनका कहना है कि साहिल जैसे छात्रों को न्याय मिलना चाहिए और इस घटना के जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई होनी चाहिए.
वंदे मातरम विवाद पर भी सरकार-कांग्रेस आमने-सामने
इसी बीच वंदे मातरम को लेकर चल रहे राजनीतिक विवाद ने भी कांग्रेस और भाजपा के बीच टकराव बढ़ा दिया है. भाजपा नेताओं का आरोप है कि कांग्रेस और राहुल गांधी इस मुद्दे से ध्यान भटकाने के लिए नए-नए विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं.
भाजपा ने राहुल गांधी के थाने के बाहर धरने को राजनीतिक ड्रामा और मीडिया का ध्यान खींचने की कोशिश बताया. केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने राहुल पर निशाना साधते हुए कहा कि जब मामले की जांच और न्यायिक प्रक्रिया चल रही है, तब कैमरों के सामने थाने के बाहर बैठने का क्या मतलब है. उन्होंने राहुल गांधी पर वंदे मातरम विवाद से ध्यान भटकाने की कोशिश का आरोप लगाया.
बीजेपी का पलटवार- जांच चल रही है तो धरना क्यों?
भाजपा नेता स्मृति ईरानी ने भी राहुल गांधी के प्रदर्शन पर सवाल उठाए. उन्होंने कहा कि जंतर-मंतर की घटना को लेकर जांच की प्रक्रिया पहले से चल रही है. उन्होंने राहुल से पूछा कि क्या उन्होंने प्रदर्शन के दौरान सुरक्षाबलों और पुलिस पर कथित हमलों की भी जांच की मांग की थी. भाजपा का कहना है कि राहुल गांधी हर मुद्दे को राजनीतिक रंग देकर सरकार को घेरने की कोशिश कर रहे हैं. वहीं कांग्रेस का आरोप है कि सरकार छात्रों की आवाज और उनके अधिकारों को दबा रही है.
NEET से पेलेट गन तक बढ़ा सियासी टकराव
NEET पेपर लीक से शुरू हुआ छात्र मुद्दा अब पेलेट गन मामले तक पहुंच गया है. इसके साथ वंदे मातरम विवाद ने भी राजनीतिक तापमान बढ़ा दिया है. एक तरफ राहुल गांधी लगातार छात्रों और प्रदर्शनकारियों के मुद्दे पर सरकार को घेर रहे हैं, वहीं भाजपा उनके विरोध प्रदर्शनों को राजनीतिक फायदे और मीडिया की सुर्खियों के लिए किया गया कदम बता रही है.
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