उत्तर प्रदेश सरकार में डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने शनिवार को आरक्षण सुधार आंदोलन का नेतृत्व कर रहे हर्ष दुबे से मुलाक़ात और उनकी मांगों सुना. इसके बाद उन्होंने प्रेस वार्ता में बताया कि प्रतिनिधिमंडल की मांगों और उनकी चिंताओं को गंभीरता से सुनते हुए उन्हें आश्वस्त किया कि आगामी दो दिनों में उनकी मांगों को केंद्रीय नेतृत्व के समक्ष प्रभावी ढंग से रखा जाएगा तथा संबंधित केंद्रीय मंत्री जी से उनकी भेंट भी सुनिश्चित कराई जाएगी.
इससे पहले आरक्षण सुधार आंदोलन के प्रतिनिधिमंडल ने डिप्टी सीएम से मुलाकात कर अपनी मांगों को लेकर जानकारी दी और इस पर जल्द कार्रवाई की मांग की. इन लोगों की मांग है कि जाति आधारित आरक्षण खत्म करने की मांग की जा रही है. डिप्टी सीएम ने आन्दोलनकारियों को हर संभव मदद का आश्वासन दिया है. जिसके बाद वे संतुष्ट नजर आए.
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क्या है पूरा मामला ?
दरअसल दिल्ली के जंतर-मंतर पर आरक्षण हटाओ आंदोलन के बैनर तले 21 अगस्त को देश के अलग-अलग इलाकों से सैकड़ों युवा जुटे थे. इनकी मांग थी कि जाति आधारित आरक्षण व्यवस्था में अब बदलाव होना चाहिए. इसके साथ ही UGC नियमों को लेकर भी इनकी मांग थी. इस बीच शुक्रवार शाम को दिल्ली पुलिस ने इन सबको धरना-प्रदर्शन से हटा दिया था.
लखनऊ में डिप्टी सीएम से की मुलाक़ात
इसके बाद आज आंदोलन के प्रतिनिधिमंडल ने लखनऊ में डिप्टी सीएम से मुलाक़ात की और आरक्षण पर समीक्षा के साथ जाति आधारित आरक्षण बंद करने की मांग की और अपना पक्ष रखा. अब ये मामला बीजेपी सरकार के पाले में चला गया है. चूंकि मामला बेहद संवेदनशील है लिहाजा सरकार इस पर क्या फैसला लेगी ? ये देखना दिलचस्प होगा.
अभी इस मामले के अब तूल पकड़ने के आसार हैं क्योंकि इसके लिए काफी समय से सोशल मीडिया पर समर्थन जुटाया जा रहा है. जो बिल्कुल कॉकरोच जनता पार्टी की तर्ज पर नजर आ रहा है. लेकिन उसे इस तरह की सफलता मिल पाएगी या नहीं यह कह पाना मुश्किल है.
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