- मरांडी ने घटना की निष्पक्ष जांच, दोषियों पर कार्रवाई मांग की है.
झारखंड के गिरिडीह में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का पुतला दहन करने के दौरान छात्रों और झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) कार्यकर्ताओं के बीच हुई झड़प को लेकर नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने झारखंड सरकार पर हमला बोला है. शनिवार को गिरिडीह परिसदन भवन में पत्रकारों से बातचीत करते हुए उन्होंने इस घटना को लोकतंत्र की हत्या बताया है.
बाबूलाल मरांडी ने आरोप लगाया कि सरकार छात्रों और नौजवानों की आवाज को दबाने के लिए डंडे का सहारा ले रही है. उन्होंने कहा कि अपनी मांगों को लेकर आवाज उठाने वाले छात्रों के साथ सरकार का रवैया ठीक नहीं है. हजारीबाग, रांची और गिरिडीह में छात्रों को दौड़ा-दौड़ाकर पीटे जाने की घटनाएं सामने आई हैं, जो बेहद शर्मनाक और लोकतंत्र के लिए चिंताजनक है.
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उन्होंने कहा कि गिरिडीह में हुई झड़प के वीडियो सामने आए हैं. वीडियो में मारपीट करने वाले लोगों की पहचान की जा सकती है. ऐसे लोगों की पहचान कर पुलिस को तत्काल कार्रवाई करनी चाहिए और दोषियों को गिरफ्तार किया जाना चाहिए, नेता प्रतिपक्ष ने दावा किया कि गिरिडीह की घटना पूरी तरह से सुनियोजित थी.
मरांडी ने की निष्पक्ष जांच कराने की मांग
उन्होंने झामुमो कार्यकर्ता इमरान अजीज खान के एक कथित संदेश की जांच कराने की मांग की. आरोप है कि इस संदेश के माध्यम से कार्यकर्ताओं को पार्टी कार्यालय पहुंचने की अपील की गई थी. मरांडी ने कहा कि इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए, ताकि घटना के पीछे की सच्चाई सामने आ सके.
सड़क से संसद बीजेपी छात्रों के साथ खड़ी है- मरांडी
उन्होंने कहा कि भाजपा छात्रों और युवाओं के साथ सड़क से लेकर सदन तक मजबूती से खड़ी है. सरकार को दमन की नीति छोड़कर छात्रों की समस्याओं और मांगों को गंभीरता से सुनना चाहिए. उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि छात्रों की आवाज को दबाने की कोशिश लोकतंत्र के हित में नहीं है और सरकार को संवाद के माध्यम से समस्याओं का समाधान करना चाहिए.
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