अंतरिक्ष में भारत अपना खुद का स्पेस स्टेशन बनाने की दिशा में काम कर रहा है. इसरो चेयरमैन डॉ. वी नारायणन ने रविवार को बयान देते हुए इसकी बारे में जानकारी दी है. उन्होंने कहा है कि भारतीय अंतरिक्ष स्टेशन के पहले मॉड्यूल को मंजूरी मिल चुकी है.
अहमदाबाद में तीसरे नेशनल स्पेस डे के जश्न के दौरान नारायण ने भारत की स्पेस टेक्नोलॉजी में भारत की बढ़ती क्षमताओं पर जोर दिया. साथ ही कहा कि देश अब स्पेस बेस्ड एप्लिकेशन का इस्तेमाल 50 से ज्यादा क्षेत्रों में कर रहा है. इनसे सीधे नागरिकों को फायदा हो रहा है. नारायणन ने कहा है, ‘आज हम तीसरा नेशनल स्पेस डे मना रहे हैं. इसकी थीम बहुत अहम है. इनोवेशन, सहयोग और स्पेस सेक्टर में ग्लोबल लीडरशिप की चाहत.’
उन्होंने कहा, ’64 साल पहले अपना स्पेस प्रोग्राम शुरू करने के बाद से भारत लगातार अपनी क्षमताओं का विस्तार कर रहा है. भारत ने 64 साल पहले अपना स्पेस प्रोग्राम शुरू किया था. आज हम 50 से ज्यादा इलाकों में आम लोगों की सेवा कर रहे हैं. इनमें अर्थ ऑब्जर्वेशन, रिमोट सेंसिंग, टेलीकम्युनिकेशन, टेलीविजन ब्रॉडकास्टिंग, टेली एजुकेशन, आपदा को लेकर अपडेट और उससे बचाव, हर नागरिक की सुरक्षा और हिफाजत सुनिश्चित करना, नेविगेशन, रियल टाइम मॉनिटरिंग और ट्रैंकिंग शामिल है.’
इसरो चीफ ने भारत के फ्यूचर स्पेस प्रोग्राम के बारे में दी जानकारी
इसके अलावा इसरो चीफ ने देश के भविष्य के स्पेस प्रोग्राम के बारे में जानकारी दी है. इनमें गगनयान ह्यूमन स्पेसफ्लाइट मिशन, और भारत का अपना स्पेस स्टेशन बनान शामिल है. उन्होंने कहा, पीएम मोदी की दूरदर्शी लीडरशिप में कई प्रोग्राम पाइपलाइन में हैं. हम गगनयान प्रोग्राम पर काम कर रहे हैं. हम अपना खुद का स्पेस स्टेशन भारतीय अंतरिक्ष स्टेशन बनाने की दिशा में भी काम कर रहे हैं. उन्होंने कहा, पहले मॉड्यूल को मंजूरी मिल चुकी है. हमारा लक्ष्य 2035 तक स्पेस स्टेशन स्थापित करना है.
केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह याद की चंद्रयान की सफलता
इसके अलावा केंद्रीय मंत्री गजेंद् सिंह भी मौजूद रहे. उन्होंने भी कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि चंद्रयान की सफलता और भारत के चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर शिव शक्ति पाइंट नाम की जगह पर पहुंचने की उपलब्धि के बाद राष्ट्रीय अंतरिक्ष दिवस की घोषणा की गई थी. चंद्रयान मिशन की सफलता और पीएम की घोषणा के बाद भारत उस दिन को राष्ट्रीय अंतरिक्ष दिवस के रूप में मनाएगा. इस दिन उसने चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर शिव शक्ति पॉइंट पर कदम रखा था. उन्होंने बतााय कि अहमदाबाद में स्पेस एप्लीकेशन सेंटर की देखरेख में तीसरा नेशनल स्पेस डे माना जा रहा है. अंतरिक्ष में क्षेत्र में भागीदारी बढ़ाने के लिए सरकार के प्रयासों पर जोर दिया गया है.
