- 28 अगस्त तक ओबीसी के समान सुविधाएं देने की मांग
मराठा आरक्षण के मुद्दे पर एक बार फिर महाराष्ट्र का माहौल गरमाता हुआ दिखाई दे रहा है. मराठा आंदोलनकारी मनोज जरांगे पाटील एक बार फिर 29 अगस्त से अंतरवाली सराटी में आंदोलन शुरू करने जा रहे हैं. इससे पहले आज (24 अगस्त) सरकार के एक प्रतिनिधिमंडल ने जरांगे पाटील से मुलाकात की. इसमें मंत्री राधाकृष्ण विखे पाटील, मंत्री शंभूराज देसाई और मंत्री उदय सामंत शामिल थे.
इस मुलाकात के बाद मनोज जरांगे पाटील ने मीडिया से बातचीत की. इस दौरान उन्होंने स्पष्ट कहा कि अब वह पीछे नहीं हटेंगे और 29 अगस्त को आंदोलन होकर रहेगा.
मनोज जरांगे पाटील और प्रतिनिधिमंडल में क्या हुई चर्चा?
29 अगस्त से मनोज जरांगे पाटील का अंतरवाली सराटी में आंदोलन शुरू होगा. जरांगे पाटील ने सरकार के प्रतिनिधिमंडल के सामने अपनी मांग रखते हुए कहा कि जिन सभी अभिलेखों को खोजा गया है, उनसे संबंधित प्रमाणपत्र सरकार 28 अगस्त तक जारी करे. उन्होंने कहा कि अब आंदोलन नहीं रुकेगा और 29 अगस्त को आंदोलन जरूर होगा.
28 अगस्त तक निर्णयों को लागू करें- मनोज जरांगे पाटील
मनोज जरांगे पाटील ने मांग करते हुए कहा, ”मराठा समाज को ओबीसी के समान सुविधाएं देने संबंधी निर्णय को 28 अगस्त तक लागू किया जाए. मराठा आंदोलनकारियों के खिलाफ दर्ज मामलों को वापस लेने की प्रक्रिया पूरी की जाए. आंदोलन के दौरान बलिदान देने वाले भाइयों के परिजनों को मिलने वाली सहायता और निधि का मामला भी लंबित है, उसे पूरा किया जाए.”
जरांगे ने की लोगों से अंतरवाली सराटी पहुंचने की अपील
इसके अलावा जरांगे पाटील ने ये भी कहा कि सातारा, पुणे, बॉम्बे और औंध गजेटियर से संबंधित जीआर की मांग भी पूरी की जाए. उन्होंने अपील की है कि जिन लोगों के प्रमाणपत्र या उनकी वैधता का काम बाकी है, वे 28 अगस्त को अंतरवाली सराटी पहुंचें. बता दें कि मराठा समुदाय के लिए आरक्षण की मांग को लेकर सामाजिक कार्यकर्ता मनोज जरांगे पाटील पिछले साल मुंबई के आजाद मैदान में अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे थे.
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