अस्पताल में भर्ती होना पहले से हमेशा एक टेंशन वाला काम होता है और अगर उसी दौरान बिल में गड़बड़ी या गलत जानकारी मिल जाए, तो परेशानी दोगुनी हो जाती है. हर साल कई मरीज ओवरचार्जिंग और गैरजरूरी टेस्ट जैसे स्कैम का शिकार बनते हैं. लेकिन कुछ आसान बातों का ध्यान रखकर इससे बचा जा सकता है.
पहले पूरा खर्चा जरूर पूछें
एडमिट होने से पहले ही डॉक्टर या हॉस्पिटल स्टाफ से इलाज का खर्च पूछ लें. कमरे का किराया, टेस्ट का चार्ज, दवाई और बाकी खर्चे, सब कुछ पहले से क्लियर करना चाहिए. कई बार मरीज की मजबूरी का फायदा उठाकर बिल में अलग अलग नाम से चार्ज जोड़ दिए जाते हैं, जैसे इंजेक्शन, ग्लव्स या मास्क के नाम पर एक्स्ट्रा पैसे वसूलना. इसलिए हर बिल आइटम को ध्यान से चेक करें.
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कीमत बाहर भी जरूर वेरिफाई करें
कई अस्पताल अपनी फार्मेसी से दवाइयां बाजार से ज्यादा दाम पर बेचते हैं. डॉक्टर से दवाई का नाम लिखवा लें, और मौका मिले तो बाहर किसी मेडिकल स्टोर से उसकी कीमत जरूर पता करके मिला लें. इससे पता चल जाएगा कि कहीं जरूरत से ज्यादा पैसे तो नहीं लिए जा रहे.
बिना जरूरत के टेस्ट कराने से बचें
छोटी बीमारी में भी कई बार महंगे टेस्ट लिख दिए जाते हैं, खासकर अगर मरीज के पास हेल्थ इंश्योरेंस हो. इंश्योरेंस क्लेम बढ़ाने के लिए कभी कभी गैरजरूरी जांच कराने बोलते हैं. अगर कोई टेस्ट समझ न आए, तो डॉक्टर से अच्छे से पूछें कि यह टेस्ट क्यों जरूरी है.
यह चीज करना न भूलें
इलाज के दौरान मिलने वाला हर बिल, रिपोर्ट और डिस्चार्ज पेपर संभालकर रखना जरूरी है. अगर बाद में किसी गड़बड़ी की शिकायत करना पो, तो यही कागज सबूत का काम आ सकते हैं. साथ ही हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसी को शुरू में ही ध्यान से पढ़ लें, ताकि पता रहे कि क्या कवर होता है और क्या नहीं होता है.
शिकायत कहां करें
अगर डॉक्टर या अस्पताल की तरफ से सही इलाज न मिले या लापरवाही सामने आए, तो कंज्यूमर फोरम में शिकायत दर्ज करा सकते हैं. नेशनल कंज्यूमर हेल्पलाइन के मुताबिक अगर डॉक्टर अपने पेशे के स्टैंडर्ड को पूरा नहीं करता है, तो इसे मेडिकल निगलीजेंस माना जा सकता है और इसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई हो सकती है.
कभी न करें यह काम
इमरजेंसी में भी अफवाह या दबाव में आकर बड़े फैसले लेने से बचें. किसी भी महंगे इलाज या सर्जरी को लेकर फैसला विशेषज्ञ की सलाह और सही दस्तावेजों के मुताबिक से लें. सेहत के ध्यान रखना भी जरूरी है, ताकि इलाज के साथ साथ जेब से पैसा कम खिर्च हो.
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