पंजाब में आगामी चुनाव से पहले सियासी माहौल गरम है. पिछले कुछ दिनों से मुख्यमंत्री भगवंत मान की सरकार लगातार विपक्ष के निशाने पर है. बेअदबी विवाद और ईडी के खुलासों के बाद अब संगरूर में मुख्यमंत्री के कार्यक्रम के दौरान हुए घटनाक्रम ने नया राजनीतिक विवाद खड़ा कर दिया है. एक सामाजिक कार्यकर्ता ने सीएम के कार्यक्रम में नशे के मुद्दे को लेकर विरोध किया. इसके बाद पुलिस हिरासत में उसके साथ कथित मारपीट के आरोप सामने आए हैं.
मामला संगरूर के शेरों गांव का है, जहां बुधवार को मुख्यमंत्री भगवंत मान एक जनसभा को संबोधित करने पहुंचे थे. इसी दौरान नशे के खिलाफ अभियान चलाने वाले सामाजिक कार्यकर्ता मोहनजीत सिंह ने सीएम के कार्यक्रम का विरोध किया.
बताया गया कि मोहनजीत सिंह पास के एक घर की छत पर चढ़ गए और पंजाब सरकार के खिलाफ नारेबाजी करने लगे. उन्होंने काले कपड़े दिखाकर अपना विरोध जताया. मौके पर मौजूद पुलिस ने तुरंत कार्रवाई की और उन्हें एहतियातन हिरासत में ले लिया.
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हिरासत से बाहर आने के बाद लगाए गंभीर आरोप
हिरासत से बाहर आने के बाद मोहनजीत सिंह ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए. उनका दावा है कि पुलिस कस्टडी के दौरान उनके साथ बेरहमी से मारपीट की गई. युवक के घायल होने के वीडियो भी सामने आए हैं, जिन्हें लेकर विपक्षी दलों ने पंजाब सरकार और पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठाए हैं.
युवक का आरोप है कि उसके साथ हिरासत में ज्यादती की गई और उसे विरोध करने की सजा दी गई. हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है.
पंजाब पुलिस का क्या कहना है?
वहीं, पंजाब पुलिस ने युवक के आरोपों से अलग तस्वीर पेश की है. संगरूर की SSP नवजोत ग्रेवाल के मुताबिक, मोहनजीत सिंह को सुरक्षा कारणों को देखते हुए हिरासत में लिया गया था. पुलिस के अनुसार, उसका मेडिकल और डोप टेस्ट कराया गया.
पुलिस का दावा है कि डोप टेस्ट पॉजिटिव आने के बाद युवक को छोड़ दिया गया. हालांकि, मोहनजीत सिंह ने इस रिपोर्ट को ही सवालों के घेरे में खड़ा कर दिया है. उसका कहना है कि डोप टेस्ट की रिपोर्ट गलत है और उसे फंसाने के लिए रिपोर्ट में हेरफेर की गई.
अकाली दल ने सरकार पर बोला हमला
इस पूरे मामले को लेकर विपक्ष ने भगवंत मान सरकार पर हमला तेज कर दिया है. शिरोमणि अकाली दल की नेता हरसिमरत कौर बादल ने सोशल मीडिया पर युवक का वीडियो शेयर करते हुए पंजाब सरकार पर गंभीर आरोप लगाए.
हरसिमरत कौर बादल ने आरोप लगाते हुए कहा, पंजाब में आखिर हो क्या रहा है? साधारण पंजाबी ग्रामीणों के साथ आतंकवादियों जैसा व्यवहार क्यों किया जा रहा है. यह वही लड़का है, जो कल ही गुरु-द्रोही भगवंत मान और आम आदमी पार्टी पंजाब की पूरी तरह विफलता के खिलाफ खुले तौर पर विरोध कर रहा था.
हरसिमरत ने इसे सिखों की गरिमा और सम्मान पर हमला बताते हुए कहा, “आप जानते हैं कि उसे चुप कराने के लिए उन्होंने क्या किया? उसे करंट लगाया गया. उसे बेरहमी से पीटा गया, उसकी पगड़ी उतार दी गई और उसकी दाढ़ी के साथ बदसलूकी की गई.”
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फिलहाल इस घटना को लेकर पंजाब की सियासत गरमा गई है. एक तरफ पुलिस का कहना है कि युवक को सुरक्षा कारणों से हिरासत में लिया गया था और डोप टेस्ट पॉजिटिव आने के बाद उसे छोड़ दिया गया. दूसरी तरफ पीड़ित युवक पुलिस पर कस्टडी में मारपीट और झूठी रिपोर्ट तैयार करने का आरोप लगा रहा है.
