बॉलीवुड में कई ऐसे शिक्षक किरदार रहे हैं, जिन्होंने सिर्फ पढ़ाया नहीं, बल्कि अपने छात्रों को जिंदगी समझने का नजरिया भी दिया. ‘तारे ज़मीन पर’ में आमिर खान ने राम शंकर निकुंभ बनकर एक बच्चे की प्रतिभा को पहचाना और उसे खुद पर विश्वास करना सिखाया.

शकुंतला देवी में विद्या बालन ने दिखाया कि सीखने की कोई सीमा नहीं होती. उनका किरदार ज्ञान, जिज्ञासा और अपनी अलग सोच के जरिए आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है.

‘हिचकी’ में रानी मुखर्जी की नैना माथुर ने अपनी चुनौतियों को कमजोरी नहीं बनने दिया. उन्होंने शिक्षक बनने का सपना पूरा किया और अपने छात्रों को भी मुश्किलों के सामने हार न मानने की सीख दी.

‘मैं हूं ना’ में सुष्मिता सेन की चांदनी चोपड़ा ने अपने आकर्षक अंदाज और सकारात्मक सोच से छात्रों को प्रभावित किया. उनका किरदार बताता है कि शिक्षक का जुनून भी सीखने को खास बना सकता है.

‘सुपर 30’ में ऋतिक रोशन ने आनंद कुमार की भूमिका निभाकर शिक्षा की असली ताकत दिखाई. उन्होंने आर्थिक रूप से कमजोर छात्रों को पढ़ाकर साबित किया कि सही मौका मिले तो प्रतिभा किसी भी बाधा को पार कर सकती है.

‘3 इडियट्स’ में बोमन ईरानी के ‘वायरस’ किरदार ने शिक्षा व्यवस्था में मौजूद दबाव और प्रतिस्पर्धा को सामने रखा. उनका किरदार यह सोचने पर मजबूर करता है कि शिक्षा में डर से ज्यादा जरूरी समझ और जिज्ञासा है.

आमिर खान से लेकर बोमन ईरानी तक, इन ऑन-स्क्रीन शिक्षकों ने अलग-अलग अंदाज में एक ही बात सिखाई असली शिक्षक वह है, जो किताबों से आगे बढ़कर अपने छात्रों को आत्मविश्वास, सपने और जिंदगी जीने का सही नजरिया दे.
Published at : 04 Sep 2026 08:37 PM (IST)
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