कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रदर्शन के दौरान जंतर-मंतर पर निशु आजाद के पिता के साथ हुई मारपीट का मुद्दा शुक्रवार (4 सितंबर 2026) को दिनभर गरमाया रहा. आरोपी स्वतंत्र भारद्वाज के कबूलनामे के बाद दिल्ली पुलिस ने उसे उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर से हिरासत में लिया. सीजेपी प्रवक्ता सौरव दास ने बताया कि स्वतंत्र भारद्वाज पर आपराधिक डराने-धमकाने की धारा जोड़ी गई है. उन्होंने कहा, दिल्ली पुलिस ने निशु के पिता संजय जी की पहले से दर्ज FIR में गुंडे स्वतंत्र भारद्वाज पर SC/ST एक्ट के तहत आरोप लगाए हैं. इसमें जान से मारने की धमकी देने के लिए BNS की धारा 351(3) भी जोड़ी गई है.’
उन्होंने कहा, ‘जल्द ही स्वतंत्र भारद्वाज पर हत्या की कोशिश या गैर-इरादतन हत्या की कोशिश की धारा भी जोड़ी जाएगी. हमारे वकील अभी पुलिस स्टेशन में हैं और पुलिस से उनके वादे को पूरा करने के लिए फॉलो-अप कर रहे हैं. वह उन्हें गंभीर चोट पहुंचाने वाली धारा भी जोड़ने के लिए मना रहे हैं ताकि मामला और सख्त हो सके.’ मामले नाम आने के बाद केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने कहा कि उनका स्वतंत्र भारद्वाज से कोई संबंध नहीं है. केंद्रीय मंत्री ने कहा कि उन्होंने इस मामले में स्वतंत्र भारद्वाज के खिलाफ आधिकारिक शिकायत की है. उन्होंने पुलिस से पूरे मामले की सच्चाई सामने लाने की मांग की.
निशु के पिता संजय आजाद पर 23 जून 2026 को हमला हुआ था. इस मामले के आरोपी स्वतंत्र भारद्वाज ने जब से इस खुलेआम ये कबूला कि उसी ने ये अपराध किया है तो पुलिस एक्शन को लेकर देशभर में राजनीति गरमा गई है. स्वतंत्र भारद्वाज का क्लिप 3 सितंबर 2026 वायरल हुआ, जिसके बाद निशु को लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी का साथ मिला. इसके बाद 4 सितंबर को CJP के नेता दिल्ली के संसद मार्ग थाने पहुंचे और आरोपी को गिरफ्तार करने की मांग पर अड़े रहे.
निशु आजाद ने राहुल गांधी से मांगी मदद
इस मामले देशभर में चर्चा इसलिए और ज्यादा होने लगी क्योंकि आरोपी स्वतंत्र भारद्वाज ने वीडियो में बीजेपी ने बड़े नेताओं से संरक्षण मिलने की बात कही थी. उसने केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान और दिल्ली सरकार में मंत्री कपिल मिश्रा को अपना बड़ा भाई बताया. उसे पीएम मोदी को भी अपनी बड़ा भाई बताया, जिसके बाद विपक्ष ने इस मुद्दे पर लपक लिया है और बीजेपी पर गुंडों को संरक्षण देने का आरोप लगाया. निशु आजाद ने 3 सितंबर को दिल्ली पुलिस पर सवाल खड़ा करते हुए सोशल मीडिया पर वीडियो पोस्ट किया, जिसमें उन्होंने कांग्रेस सांसद राहुल गांधी से मदद मांगी थी.
संसद मार्ग थाने के बाहर हाई-वोल्टेज ड्रामा
वहीं स्वतंत्र भारद्वाज का पॉडकास्ट वीडियो वायरल होने के बाद सीजेपी ने 3 सितंबर को दिल्ली पुलिस की कार्रवाई पर गंभीर सवाल उठाए. पार्टी ने फैसला किया कि वे छात्रा निशु आजाद के पिता संजय आजाद को न्याय दिलाने के लिए 4 सितंबर 2026 को सुबह 10 बजे दिल्ली के पार्लियामेंट स्ट्रीट पुलिस स्टेशन का घेराव करेंगे और विरोध प्रदर्शन करेंगे. CJP के इस ऐलान के बाद 4 सितंबर को संसद मार्ग थाने के बाहर हाई-वोल्टेज ड्रामा देखने को मिला.
सुबह 10 बजे से ही सीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता सौरव दास और आशुतोष रांका के नेतृत्व में CJP कार्यकर्ता और पीड़िता निशु आजाद संसद मार्ग पुलिस स्टेशन पहुंचे. CJP कार्यकर्ताओं के विरोध प्रदर्शन को देखते हुए दिल्ली पुलिस ने थाने के बाहर भारी बैरिकेडिंग और सुरक्षा बल तैनात कर दिए थे. इस विरोध प्रदर्शन को बड़ा राजनीतिक मोड़ तब मिला जब आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) के सांसद चंद्रशेखर आजाद और निर्दलीय सांसद पप्पू यादव भी प्रदर्शनकारियों और निशु आजाद के समर्थन में संसद मार्ग थाने पहुंचे.
इन धाराओं में केस दर्ज करने का मिला आश्वासन
संसद मार्ग थाने पर विरोध प्रदर्शन जब धीरे-धीरे बढ़ने लगा तो पुलिस भी एक्शन में आई. थोड़ी देर बाद निशु आजाद और चंद्रशेखर आजाद ने मीडिया को बताया कि दिल्ली पुलिस ने आरोपी स्वतंत्र भारद्वाज को अगले 72 घंटे के भीतर गिरफ्तार करने का आश्वासन दिया. उनके मुताबिक, पुलिस ने उन्हें आश्वासन दिया कि वायरल वीडियो में जुर्म कबूलने के आधार पर FIR की समीक्षा की जाएगी और इस मामले में हत्या के प्रयास (BNS की धारा 109) और SC-ST एक्ट जैसी गंभीर धाराएं जोड़ी जा रही हैं.
बवाल बढ़ा तो स्वतंत्र भारद्वाज ने लिया यू-टर्न
ये पूरा मामला 3 सितंबर की रात तक ही गरमा गया था क्योंकि एक तरफ सीजेपी ने थाने के बाद प्रदर्शन की बात कही थी. दूसरी तरफ कांग्रेस सांसद राहुल गांधी से सपोर्ट मिलने के बाद ये तय हो चुका था कि दिल्ली में 4 सितंबर को ये मामला जोर पकड़ेगा. बवाल बढ़ता देख आज सुबह आरोपी स्वतंत्र भारद्वाज मीडिया के सामने आया और उसने अपने वायरल पॉडकास्ट वाले बयान से पूरी तरह यू-टर्न ले लिया. उसने दावा किया कि सोशल मीडिया पर वायरल क्लिप आउट ऑफ कॉन्टेक्स्ट है. स्वतंत्र भारद्वाज ने कहा, ‘जंतर-मंतर पर 10-15 लोगों की भीड़ ने मुझे घेर लिया था और मेरी मॉब लिंचिंग करने की कोशिश की. मैंने केवल सेल्फ-डिफेंस में हाथ चलाया था, जिससे मेरे हाथ में पहने कड़े से संजय आजाद के सिर पर चोट लग गई.’ उसने ये भी कहा कि नेताओं के फोन आने से पुलिस ने उसे नहीं छोड़ा, बल्कि वह जांच में सहयोग कर रहा था.
निशु आजाद के पिता संजय आजाद ने 4 सितंबर की सुबह कहा कि जंतर-मंतर पर उन पर अचानक हमला किया गया था. उन्होंने आरोप लगाया कि हमलावर ‘जय भीम’ के नारों से नाराज थे, जिसके बाद उन पर जानलेवा हमला किया गया और उनके सिर पर गंभीर चोटें आईं. CJP ने कहा है कि अगर 72 घंटे में स्वतंत्र भारद्वाज जेल की सलाखों के पीछे नहीं गया तो यह आंदोलन और बड़ा रूप लेगा.
किस वीडियो पर देशभर में गरमाई राजनीति
स्वतंत्र भारद्वाज का क्लिप 3 सितंबर 2026 वायरल हुआ. इस वीडियो में उसे ये कहते हुए सुना जा सकता है, ‘क्या आपको पता है कि इस अपराध में कौन सी धारा लगती है? धारा 307. उन्हें 60 टांके लगे थे. उस व्यक्ति को गंभीर हालत में एम्बुलेंस से ले जाया जा रहा था. उनकी बेटी थाने के बाहर खड़ी थी और कह रही थी कि अगर उसके पिता को न्याय नहीं मिला तो वह आत्महत्या कर लेगी, लेकिन मुझे जेल तक नहीं भेजा गया. दुनिया को यह पता होना चाहिए. मैं पूरी रात बाहर घूमता रहा.’
यूट्यूब पर उपलब्ध करीब एक घंटे के इस इंटरव्यू में स्वतंत्र भारद्वाज ने राजनीतिक संबंध होने का भी दावा किया. उसने कहा, ‘मुझे हनुमान जी का आशीर्वाद प्राप्त है और दूसरी बात, कपिल मिश्रा मेरे बड़े भाई हैं. कपिल मिश्रा ने फोन किया और मुझे छोड़ दिया गया. चिराग पासवान मेरे बड़े भाई हैं. आप कितने नेताओं को जानती हैं? क्या आप प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी को जानती हैं? मोदी जी भी मेरे बड़े भाई हैं. मुझे सभी का समर्थन प्राप्त है.’
हालांकि चिराग पासवान ने दावों को खारिज किया और स्वतंत्रत के खिलाफ शिकायत की है.
