- दूतावास ने तुरंत मदद की, वनिता अब सुरक्षित।
मिडिल ईस्ट के देश कुवैत में स्थित भारतीय दूतावास ने तमिलनाडु की रहने वाली एक घरेलु कामगार की मदद की गुहार पर मामले में हस्तक्षेप किया है. दरअसल, भारतीय महिला ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो पोस्ट शेयर कर यह आरोप लगाया था कि खाड़ी देश में उसके साथ मारपीट की गई, उसका शोषण किया गया और उसे कई महीनों से वेतन भी नहीं दिया गया. इस मामले को लेकर विदेश मंत्रालय ने बताया कि भारतीय दूतावास ने महिला की मदद के लिए कदम उठाया है.
मामले पर क्या बोले विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता?
न्यूज एजेंसी पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक, पीड़ित महिला की पहचान तमिलनाडु की रहने वाली वनिता के रूप में हुई है, जिसने अपने वीडियो पोस्ट में अपने गृह राज्य के अधिकारियों से खुद को बचाने और वापस भारत लाने की अपील की थी. इस मामले को लेकर विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने शुक्रवार (4 सितंबर, 2026) को नियमित प्रेस ब्रीफिंग के दौरान प्रतिक्रिया दी.
उन्होंने कहा, ‘जैसे ही हमारे दूतावास को इस मामले की जानकारी मिली, उसने तुरंत ही मदद की पेशकश की. महिला फिलहाल भारतीय दूतावास में ही है. हम विदेशों में रह रहे भारतीय नागरिकों की सुरक्षा, भलाई और उनका वेलफेयर सुनिश्चित करने के लिए हर संभव कोशिश करने के लिए प्रतिबद्ध हैं.’
क्या है पूरा मामला?
दरअसल, तमिलनाडु की कल्लाकुरिची जिले की निवासी वनिता ने कुवैत में रहने वाले अपने एम्प्लोयर्स पर आरोप लगाया कि उन्होंने वनिता को बहुत प्रताड़ित किया, उन्हें भूखा रखा और उन्हें वेतन भी नहीं देते थे. वनिता ने बताया कि वह करीब तीन महीने पहले ही एक इंप्लायमेंट एजेंट के जरिए काम करने के लिए कुवैत पहुंची थीं.
वीडियो में क्या बोली थीं वनिता?
सोशल मीडिया पर शेयर किए गए वीडियो पोस्ट में वनिता अपने सिर पर स्कार्फ बांधे हुए नजर आ रही थीं. उन्होंने आरोप लगाया कि उन्हें पिछले 50 दिनों से ज्यादा समय से सही खाना नहीं दिया गया और दो महीने से उन्हें सैलरी भी नहीं दी गई है. उन्होंने अपने पोस्ट में हाथ जोड़कर कहा, ‘वे मुझे बहुत परेशान कर रहे हैं. मैं कलेक्टर मैडम और एसपी मैडम से अनुरोध करती हूं कि किसी भी तरह से मुझे बचाएं और मुझे वापस अपने देश भारत लौटने में मदद करें.
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