उत्तर प्रदेश के पूर्व उपमुख्यमंत्री को भारतीय जनता पार्टी ने एक बार फिर से बड़ी जिम्मेदारी दे दी है. उन्हें अंडमान एंड निकोबार का उपराज्यपाल बनाया गया है. दिनेश शर्मा फिलहाल सितंबर 2023 से राज्यसभा के सदस्य हैं. अब पार्टी द्वारा उन्हें नई जिम्मेदारी सौंपी गई है.
दिनेश शर्मा ने साल 2017 से लेकर 2022 तक मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री की जिम्मेदारी निभाई. दिनेश शर्मा को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने अंडमान और निकोबार द्वीप समूह का लेफ्टिनेंट गवर्नर नियुक्त किया है. शनिवार (5 सितंबर) की रात को राष्ट्रपति भवन से उनको उपराज्यपाल बनाए जाने के लिए अधिसूचना जारी की गई है.
UP के पूर्व डिप्टी CM को उपराज्यपाल की कमान, जानें दिनेश शर्मा का सियासी सफर!
कैसा है दिनेश शर्मा का सियासी सफर?
दिनेश शर्मा योगी आदित्यनाथ के साथ यूपी के डिप्टी सीएम के पद पर रहे. इससे पहले वे दो बार लखनऊ के मेयर भी रह चुके हैं. साल 2006 से उन्होंने लखनऊ के मेयर की जिम्मेदारी भी संभाली है. उन्होंने भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सहित कई प्रमुख राष्ट्रीय पदों पर काम को अंजाम दिया है.
दिनेश शर्मा ने लखनऊ विश्वविद्यालय के कॉमर्स डिपार्टमेंट में प्रोफेसर के रूप में भी कार्यभार संभाला है. उन्होंने लखनऊ विश्वविद्यालय से पीएचडी, एमकॉम और डी.पी.ए. की डिग्री हासिल की है. इसके अलावा दिनेश शर्मा ने कॉमर्स के क्षेत्र में कई किताबें और रिसर्च पेपर्स भी लिख रखे हैं.
मेयर से पहले प्रोफेसर थे दिनेश शर्मा
दिनेश शर्मा का जन्म 12 जनवरी 1964 को हुआ था. मेयर बनने से पहले वे लखनऊ यूनिवर्सिटी में प्रोफेसर के पद पर तैनात थे. शर्मा का राजनीतिक टेलेंट पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने पहचाना था. दिनेश शर्मा के राजनीतिक करियर की शुरुआत आरएसएस और अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद से हुई है. इसके बाद उन्होंने भारतीय जनता युवा मोर्चा के उत्तर प्रदेश राज्य अध्यक्ष के तौर पर कमान संभाली. इससे उन्हें पार्टी की युवा लीडरशिप में अच्छी खासी पहचान हासिल हुई.
साल 2006 में बने थे लखनऊ के मेयर
दिनेश शर्मा साल 2006 में लखनऊ के मेयर बने थे. इसके बाद साल 2012 में उन्होंने फिर से मेयर का चुनाव लड़ा और जीत हासिल की. 2014 के लोकसभा चुनाव में पार्टी की जीत के बाद दिनेश शर्मा को राष्ट्रीय उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी दी गई थी. 19 मार्च 2017 को वे यूपी सरकार में उपमुख्यमंत्री बनाए गए. इस पद पर रहते हुए उन्होंने कई विभागों की अहम जिम्मेदारियां निभाईं.
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