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बिहार में बदल जाएगा 71 साल पुराना इतिहास, सीएम सम्राट चौधरी ने किया बड़ा ऐलान


मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने पटना के गांधी मैदान में आयोजित श्रीकृष्ण महोत्सव 4.0-2026 ‘कान्हा के रंग, उत्सव के संग’ कार्यक्रम का दीप प्रज्ज्वलित कर शुभारंभ किया. कला एवं संस्कृति विभाग, बिहार एवं सात्विका ग्रुप के सौजन्य से दशहरा कमिटी ट्रस्ट, पटना द्वारा कार्यक्रम का आयोजन किया गया.

मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि अगले वर्ष मार्च तक मरीन ड्राइव के समीप तीन बड़े मैदान तैयार हो जाएंगे. इनमें से एक मैदान का नाम रामलीला मैदान रखा जाएगा. उन्होंने कहा कि रामलीला एवं रावण वध के कार्यक्रम को गांधी मैदान से वहां स्थानांतरित कर पूरी व्यवस्था के साथ आयोजित किया जाएगा. उन्होंने कहा कि दशहरा कमेटी ट्रस्ट वर्ष 1955 से गांधी मैदान में रामलीला महोत्सव एवं रावण वध का आयोजन कर रहा है. समिति की ओर से लंबे समय से रामलीला और रावण वध के लिए अलग स्थान उपलब्ध कराने का आग्रह किया जा रहा था. इसको लेकर पटना के जिलाधिकारी को निर्देश दिए गए हैं. मार्च के बाद जैसे ही नए मैदान का हैंडओवर होगा, समिति को वह मैदान उपलब्ध करा दिया जाएगा. सीएम के इस फैसले से बिहार में 71 साल पुराना इतिहास बदल जाएगा.

श्रीकृष्ण ने अन्याय के खिलाफ खड़े होने का संदेश दिया-सीएम

मुख्यमंत्री ने श्रीकृष्ण महोत्सव की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि भगवान श्रीकृष्ण ने अन्याय के खिलाफ खड़े होने और सत्य की विजय का संदेश दिया. उन्होंने कहा कि महाभारत के समय भगवान श्रीकृष्ण ने शांति के लिए हर संभव प्रयास किया और कौरवों से केवल पांच गांव देने की बात कही, लेकिन अन्याय के कारण युद्ध टल नहीं सका. उन्होंने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण का स्पष्ट संदेश था कि जो अन्याय करेगा, उसका विनाश निश्चित है. गीता के माध्यम से उन्होंने अर्जुन को कर्तव्य और धर्म का बोध कराया. मुख्यमंत्री ने कहा कि आज भी भगवान श्रीकृष्ण का संदेश समाज को सत्य और न्याय के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है.

मुख्यमंत्री ने बिहार में जारी बाढ़ की स्थिति का भी उल्लेख किया. उन्होंने कहा कि पिछले 10 वर्षों में इस समय गंगा में पानी का स्तर काफी अधिक है. गंगा बेसिन वाले जिलों में अधिकारियों और मंत्रियों को लगाया गया है तथा सरकार पूरी स्थिति पर नजर रख रही है. उन्होंने कहा कि सोन और गंडक नदियों से भी बड़ी मात्रा में पानी आ रहा है. नेपाल की तराई से आने वाले पानी के कारण बिहार के लोगों को हर वर्ष परेशानी का सामना करना पड़ता है. सरकार ने कोसी, गंडक और गंगा बेसिन को व्यवस्थित करने के लिए व्यापक योजना तैयार करने की दिशा में काम शुरू किया है.

मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्रीय जल आयोग के साथ मिलकर दोनों बेसिनों के किनारे सड़क निर्माण और वाटर ट्रांसपोर्टेशन की व्यवस्था विकसित करने पर भी काम किया जाएगा, ताकि बरसात के दौरान लोगों को होने वाली परेशानी को कम किया जा सके.

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी के विकसित भारत के संकल्प के अनुरूप बिहार को भी समृद्ध और विकसित बनाने के लिए सरकार काम कर रही है. उन्होंने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री आदरणीय श्री नीतीश कुमार जी की परिकल्पना के अनुरूप बिहार को समृद्ध बनाने की पूरी रूपरेखा तैयार की जा रही है.

मुख्यमंत्री ने श्रीकृष्ण महोत्सव और दही हांडी प्रतियोगिता के आयोजन के लिए दशहरा कमेटी ट्रस्ट को बधाई दी. उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजनों से बिहार की सनातन संस्कृति और भारतीय संस्कृति को जन-जन तक पहुंचाने में मदद मिलती है.



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