झारखंड के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) के. रवि कुमार ने शनिवार को पुलिस को पांच लोगों के खिलाफ मामला दर्ज करने का निर्देश दिया. इन लोगों पर फर्जी दस्तावेज जमा कर मतदाता सूची में नाम दर्ज कराने की कोशिश का आरोप है.
साहिबगंज के चार दिवसीय दौरे पर पहुंचे मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने संथाल परगना क्षेत्र के विभिन्न जिलों से मिली शिकायतों के सत्यापन की प्रक्रिया का जायजा लिया. इस दौरान उन्होंने पाकुड़ विधानसभा क्षेत्र में संदिग्ध दस्तावेजों के आधार पर मतदाता सूची में नाम शामिल किए जाने से जुड़े मामलों की जांच की.
कुमार ने संवाददाताओं से कहा, ‘हमें पाकुड़ विधानसभा क्षेत्र के बरहरवा प्रखंड से कुछ शिकायतें मिली थीं. जांच के दौरान फर्जी दस्तावेज जमा करने के कुछ मामले सामने आए. एक सामान्य सेवा केंद्र (सीएससी) संचालक की भी पहचान हुई है, जो फर्जी प्रमाणपत्र उपलब्ध करा रहा था. उनके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने के निर्देश दिए गए हैं.’
सीईओ कार्यालय के बयान के अनुसार, चारों आरोपियों रुबेदा बीवा, रवि शेख, पिंटू शेख और सेंटू शेख पर आरोप है कि उन्होंने मतदाता सूची में नाम शामिल कराने के लिए फर्जी आवासीय प्रमाणपत्र जमा किए थे. सीएससी संचालक की पहचान मोहम्मद सलीम के रूप में हुई है.
सीईओ ने बरहरवा में आरोपियों के घरों का दौरा कर मौके पर निरीक्षण किया. बरहरवा थाना प्रभारी सुमित कुमार सिंह ने बताया कि औपचारिक शिकायत मिलने के बाद प्राथमिकी दर्ज की जाएगी.
कुमार ने संवाददाताओं से कहा कि जांच में पता चला है कि विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के लिए सरकारी नियमों का उल्लंघन कर जाति प्रमाणपत्र जारी किए जा रहे थे. उन्होंने कहा, ‘यह पूरी तरह गलत है. इस मामले में कार्रवाई की जाएगी.’
उन्होंने संबंधित जिला निर्वाचन अधिकारियों और निर्वाचक निबंधन अधिकारियों को सभी दस्तावेजों का गहन सत्यापन करने का निर्देश दिया. कुमार ने कहा, ‘यदि जांच में यह पुष्टि होती है कि किसी व्यक्ति ने जानबूझकर गलत या फर्जी दस्तावेज जमा किए हैं, तो मौजूदा कानूनी प्रावधानों के तहत उसके खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए.’
43.61 लाख से अधिक नाम हटाए गए
संथाल परगना क्षेत्र के दौरे के दौरान सीईओ साहिबगंज, गोड्डा, दुमका और देवघर जिलों में मतदाता सूची में संदिग्ध नामों को शामिल किए जाने से जुड़ी शिकायतों की जांच करेंगे. साथ ही, वह संबंधित निर्वाचन अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठकें भी करेंगे.
निर्वाचन आयोग ने पांच अगस्त को झारखंड में प्रारूप मतदाता सूची प्रकाशित की थी, जिसमें 43.61 लाख से अधिक नाम हटाए गए थे.
राज्य में एसआईआर की गणना प्रक्रिया शुरू होने से पहले 2.64 करोड़ मतदाता थे. गणना प्रक्रिया के बाद जारी प्रारूप मतदाता सूची में 2.21 करोड़ मतदाता शामिल हैं, जिनमें 1.12 करोड़ पुरुष, 1.08 करोड़ महिलाएं और 260 तृतीय लिंग के मतदाता हैं. यह प्रक्रिया 30 जून से 29 जुलाई के बीच की गई थी.
एक अधिकारी ने बताया कि निर्वाचन आयोग ने राज्य में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण के तहत दावे और आपत्तियां दाखिल करने की अंतिम तिथि बढ़ाकर 15 सितंबर कर दी है. वहीं, संशोधित मतदाता सूची के अंतिम प्रकाशन की तारीख को आगे बढ़ाकर 19 अक्टूबर कर दिया गया है.
इससे पहले दावे और आपत्तियां दाखिल करने की अवधि पांच अगस्त से चार सितंबर तक थी, जबकि अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन सात अक्टूबर को निर्धारित था.
