राजधानी दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में रविवार (6 सितंबर) को एक बिल्डिंग ढहने से बड़ा हादसा हो गया है. बताया जा रहा है कि इस बिल्डिंग में पीजी चलाया जा रहा था. साथ ही इसमें कई छात्र रहकर पढ़ाई कर रहे थे. खबर है कि इसमें कई छात्र मलबे के अंदर दबे हुए हैं. हालांकि अब तक इस हादसे में एक व्यक्ति की मौत की पुष्टि हुई है. प्रशासन द्वारा रेस्क्यू ऑपरेशन किया जा रहा है. इस घटना पर दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने भी दुख जाहिर किया है.
इस बीच अब सत्य निकेतन हादसे के बाद सरकार ने इतिहास दोहराते हुए कमेटी बना दी है. साउथ दिल्ली से बीजेपी सांसद रामवीर सिंह बिधूड़ी ने घटना पर बताया, “सरकार ने एक समिति गठित की है. समिति मामले की जांच करेगी और जैसे ही उसकी रिपोर्ट आएगी, रिपोर्ट आते ही दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी. मकान मालिक के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली गई है और संभवतः उसे गिरफ्तार भी कर लिया गया है.”
उन्होंने आगे कहा, “यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण घटना है. यह इमारत आज या कल नहीं बनी थी. यह एक पुरानी इमारत थी. जो हुआ वह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है और हम ईश्वर से प्रार्थना करते हैं कि अंदर फंसे सभी लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया जाए. कुछ लोग घायल हुए हैं. हम ईश्वर से प्रार्थना करते हैं कि वे जल्द से जल्द स्वस्थ हो जाएं और सरकार भविष्य में ऐसी घटना दोबारा न हो, इसके लिए सख्त से सख्त इंतजाम करे.”
दिल्ली इमारत हादसे में एक शख्स की मौत, 3 की हालत गंभीर
घटना पर दिल्ली पुलिस ने क्या बताया?
पुलिस सूत्रों के अनुसार, घटना के समय इमारत के बेसमेंट में निर्माण कार्य जारी था. यह हादसा अपराह्न करीब 1.30 बजे हुआ. उन्होंने कहा कि बचाव अभियान जारी है और अब तक तीन लोगों को मलबे से बाहर निकाला जा चुका है तथा उन्हें एम्स ट्रॉमा सेंटर ले जाया गया, जहां उनकी हालत गंभीर बताई जा रही है.
घटनास्थल दिल्ली विश्वविद्यालय के साउथ कैंपस के प्रमुख इलाके के पास स्थित है, जहां बड़ी संख्या में इमारतों में मुख्य रूप से छात्रों के पीजी (पेइंग गेस्ट), हॉस्टल और खाने-पीने की दुकानें संचालित होती हैं. पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि स्थानीय पुलिसकर्मी, दमकल विभाग, कैट एंबुलेंस और अन्य आपातकालीन सेवाएं मौके पर मौजूद हैं.
राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) की टीम भी घटनास्थल पर पहुंच गई है और बचाव एवं राहत अभियान जारी है. बयान में कहा गया, ‘‘फिलहाल मलबे में फंसे या घायल लोगों की सही संख्या ज्ञात नहीं है. अब तक दो लोगों को बचाया गया है.”
नागरिक सुरक्षा के उप मुख्य वार्डन सुमेर कुमार ने बताया, “हमें इसकी जानकारी वीडियो के माध्यम से मिली. हम एक बैठक में थे, और जैसे ही हमें सूचना मिली, हम तुरंत यहां पहुंचे, और सभी लोग घटनास्थल पर मौजूद थे.”
दिल्ली में भरभराकर ढही बिल्डिंग, कई लोगों के दबे होने की आशंका
