यूपी में आगामी विधानसभा चुनावों को लेकर बीजेपी ने अपनी तैयारी तेज कर दी है. सत्ता में वापसी की हैट्रिक लगाने के लिए बीजेपी ने चौतरफा वार का प्लान तैयार किया है. इस बार पार्टी टीम वर्क के साथ चुनावी मैदान में जाएगी. सूत्रों के मुताबिक, इस प्लान के तहत बीजेपी मुख्य रूप से ऐसी 100 विधानसभा सीटों पर ध्यान देगी जिनमें लोकसभा चुनाव के दौरान पार्टी के प्रदर्शन कमजोर रहा था.
चौतरफा वार के प्लान में मुख्य रूप से को-ऑर्डिनेशन, कैडर, कास्ट और कैंडिडेट पर रणनीति बनाकर काम किया जाएगा.
यूपी चुनाव के लिए BJP का क्या प्लान?
- को-ऑर्डिनेशन (समन्वय): पार्टी के शीर्ष नेतृत्व से लेकर जमीनी स्तर के कार्यकर्ताओं के बीच बेहतर तालमेल बनाया जाएगा. सरकार और संगठन के बीच निरंतर संवाद बनाए रखने के लिए वरिष्ठ पदाधिकारियों के साथ समन्वय स्थापित किया जाएगा.
- कैडर- (कार्यकर्ता): हर एक बूथ स्तर पर कैडर को मजबूत किया जाएगा. कार्यकर्ताओं में नई ऊर्जा भरने के लिए लगातार समीक्षा बैठकें होंगी और बूथ स्तर पर रही कमियों को दूर किया जाएगा.
- कास्ट (सामाजिक समीकरण) उत्तर प्रदेश के सामाजिक और जातिगत समीकरणों को फिर से सही तरीके से साधा जाएगा. विशेष रूप से OBC (अन्य पिछड़ा वर्ग), दलित और अन्य वंचित वर्गों के बीच पार्टी की पकड़ को मजबूत करने पर काम किया जाएगा.
- कैंडिडेट (उम्मीदवार): कमजोर प्रदर्शन वाली 100 सीटों पर जिताऊ और जनता के बीच मजबूत पकड़ रखने वाले सही उम्मीदवारों का चयन किया जाएगा.
यूपी चुनाव में विपक्ष के नैरेटिव को कैसे तोड़ेगी बीजेपी?
सरकार के काम और चौतरफा वार के फॉर्मूले के जरिए विपक्ष के नैरेटिव को तोड़ने के लिए पार्टी ने काम करना शुरू कर दिया है. सूत्रों के मुताबिक पार्टी विशेष तौर पर कानून व्यवस्था, सुरक्षा और इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट के मुद्दे को लेकर जनता के बीच जाएगी ताकि विपक्ष को उसी के बुने PDA के जाल में फंसाया जा सके. सरकार के काम और सामाजिक समीकरण साध कर कैंडिडेट का चयन और कैडर का मूवमेंट विपक्ष के PDA के फॉर्मूले पर भारी पड़े.
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