बिहार के 13 जिले बाढ़ की चपेट में हैं. इसके चलते लाखों लोग परेशान हैं. इस बीच आरजेडी प्रमुख लालू प्रसाद यादव ने अपने पुराने दिनों को यादव करते हुए मौजूदा सरकार पर हमला किया है. पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर भी वे जमकर बरसे. मंगलवार (08 सितंबर, 2026) को लालू यादव ने एक्स पर एक पोस्ट किया और कहा कि उन्हें उनका सड़क से सदन तक का संघर्ष याद आ रहा है.
उन्होंने अपना नाम लेते हुए कहा कि लालू यादव जितना पक्ष-विपक्ष में रहकर बिहार और बिहारियों के हक के लिए लड़ा है उतना आज तक कोई नहीं लड़ा. आरजेडी प्रमुख ने कहा कि अटल बिहारी की कैबिनेट में एक दर्जन कैबिनेट मंत्री बिहार से थे, लेकिन राज्य में उनकी सरकार थी तो बिहार को उसके हिस्से का बजट कभी नहीं दिया गया.
अपने पोस्ट में लालू ने लिखा है, “2004 में जब हम राजद के 24 सांसदों के साथ रुआब के साथ UPA- में रेल मंत्री बने तो बिहार को उन पांच वर्षों (2004-09) में अपने प्रभाव और राजनीतिक ताकत के बल पर 1 लाख 44 हजार करोड़ रुपये की भारी भरकम राशि तत्कालीन प्रधानमंत्री सरदार मनमोहन सिंह और सोनिया गांधी से विकास कार्यों के लिए दिलाई. हमने जो कहा उन्होंने किया.”
एक दशक बाद आई भीषण बाढ़ में जब बिहार सरकार का खजाना खाली है, राजकोषीय तनाव चरम पर है तब मुझे मेरा सड़क से सदन तक का संघर्ष याद आ रहा है।
लालू यादव जितना पक्ष-विपक्ष में रहकर बिहार और बिहारियों के हक के लिए लड़ा है उतना आज तक कोई नहीं लड़ा। अटल जी की कैबिनेट में एक दर्जन कैबिनेट… pic.twitter.com/nY9ZJ0saxK
— Lalu Prasad Yadav (@laluprasadrjd) September 8, 2026
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‘नीतीश ने रगड़-रगड़ कर अपना चेहरा चमकाया’
लालू यादव ने नीतीश कुमार को निशाने पर लिया. कहा कि उसी पैकेज की धनराशि से 2005 से नीतीश ने रगड़-रगड़ कर अपना चेहरा चमकाया. लालू ने नीतीश कुमार को बीजेपी का दुलारुआ बताया. कहा कि नीतीश जैसों ने व्यक्तिगत स्वार्थ में हमेशा बिहार को दंड दिलाया. एनडीए से 30 सांसदों के बावजूद आज दिल्ली में बिहार की सुनने वाला कोई नहीं है.
लालू ने कहा कि नेपाल से आने वाली बाढ़ और उसके स्थायी समाधान के लिए हमेशा प्रयासरत रहा. लालू ने एक्स पर एक वीडियो शेयर किया है जो संसद का है. यह वीडियो 2011 का है. तब केंद्र में UPA-2 की सरकार थी, बिहार में नीतीश-बीजेपी की सरकार थी.
लालू यादव ने की ये मांग
- नदियों के रखरखाव के लिए नेपाल सरकार से दो टूक बात हो, कर्पूरी ठाकुर ने भी इस मुद्दे को उठाया था.
- चुनाव और बाढ़ आने पर मुफ्तखोरी का घोषणा और फ्री दो किलो अनाज का लालच देना बंद करो, स्थायी समाधान हो.
- नदियों के रखरखाव पर खर्च होने वाला एक पैसा बिहार को नहीं मिला
- बिहार का लोग अपना घर परिवार छोड़ देश विदेश पलायन करता है. वहां से खून-पसीना का कमाई लाकर यहां जमा करता है, लेकिन उसके अनुपात में उनपर खर्च नहीं होता.
- हम भीख नहीं मांग रहे हैं, बिहार को क्रेडिट के अनुरूप पैसा मिले.
- बिहार का सीडीआर (Credit Deposit Ratio) कम क्यों है? आज भी देश में साख-जमा अनुपात बिहार का सबसे कम है?
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