Headlines

AI बना बड़ी मुसीबत! जानें वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने क्यों दी चेतावनी?


वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और आधुनिक टेक्नोलॉजी को लेकर एक बड़ा बयान दिया है. मुंबई में आयोजित ग्लोबल फिनटेक फेस्ट 2026 को संबोधित करते हुए वित्त मंत्री ने साफ शब्दों में कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एक दोधारी तलवार की तरह है. 

उन्होंने आगाह किया कि जहां एक तरफ इस तकनीक की मदद से डिजिटल धोखाधड़ी और फ्रॉड को पकड़ा जा सकता है, वहीं दूसरी तरफ अपराधी इसका इस्तेमाल बड़े घोटालों को अंजाम देने के लिए भी कर रहे हैं. वित्त मंत्री ने टेक कंपनियों और फिनटेक सेक्टर को सलाह दी कि वे नई तकनीकों को इस तरह विकसित करें जिससे सिस्टम की कार्यकुशलता तो बढ़े, लेकिन उससे सुरक्षा को लेकर कोई नया खतरा पैदा न हो.

समाज और चुनावों को प्रभावित कर सकती है टेक्नोलॉजी

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने AI, लार्ज लैंग्वेज मॉडल्स LLMs और साइबर स्पेस से जुड़े खतरों पर गहरी चिंता व्यक्त की. उन्होंने कहा कि आज की आधुनिक तकनीक इतनी ताकतवर हो चुकी है कि यह न सिर्फ आम समाज को प्रभावित कर सकती है, बल्कि लोकतांत्रिक देशों में होने वाले चुनावों के नतीजों तक को बदल सकती है.

उन्होंने बताया कि आज के नए डिजिटल मॉडल्स जमीनी स्तर पर लोगों की राय और जनमत को इस तरह प्रभावित करने की क्षमता रखते हैं, जिसके बारे में आम जनता को अंदाजा तक नहीं हो पाता. यही वजह है कि तकनीक के इन बढ़ते जोखिमों को समय रहते नियंत्रित करना बेहद जरूरी हो गया है.

रेगुलेशन और नई खोजों के बीच संतुलन जरूरी

ग्लोबल फिनटेक फेस्ट के मंच से वित्त मंत्री ने कहा कि सरकारों और केंद्रीय बैंक को एआई से जुड़े इन खतरों से निपटने के लिए सख्त कदम उठाने होंगे. हालांकि, उन्होंने यह भी साफ किया कि नियम ऐसे होने चाहिए जो बाजार में नई खोजों को बढ़ावा दें, न कि उन्हें दबाएं.

वित्त मंत्री ने बताया कि उन्होंने RBI के साथ इस विषय पर चर्चा की है. उन्होंने आरबीआई से सॉफ्ट-टच रेगुलेशन अपनाने की बात की है ताकि फिनटेक सेक्टर बिना किसी रुकावट के आगे बढ़ सके. उन्होंने इस बात पर खुशी जताई कि हाल ही में आरबीआई ने फिनटेक सेक्टर के लिए यूनिफाइड फिनटेक फोरम को एक सेल्फ-रेगुलेटरी ऑर्गनाइजेशन के रूप में मान्यता दे दी है, जो इस बदलते दौर की बड़ी जरूरत थी.

यह भी पढ़ें: चांद की बर्फ और क्रेटर मैप करेगा IBM-NASA का AI, जानें कैसे?

भारत की युवा आबादी और डिजिटल इकोनॉमी की तारीफ

अपने संबोधन के दौरान वित्त मंत्री ने भारत के युवाओं की क्षमता और देश के युवा आबादी के फायदे पर भी खुलकर बात की. उन्होंने उन लोगों को आड़े हाथों लिया जो भारत की युवा आबादी की ताकत पर संदेह करते हैं. उन्होंने कहा कि भारत की युवा पीढ़ी आज निराशा से आगे निकल चुकी है और देश के भविष्य का निर्माण कर रही है.

उन्होंने गर्व से कहा कि हमारे युवा आज कल के लिए कोडिंग लिख रहे हैं, बड़े और टिकाऊ बिजनेस खड़े कर रहे हैं. आज भारत की UPI जैसी डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर व्यवस्था पूरी दुनिया में सबसे ताकतवर बनकर उभरी है, जिसके जरिए हर महीने अरबों रुपयों का डिजिटल लेनदेन हो रहा है. इसके साथ ही भारत अंतरिक्ष क्षेत्र में नए मुकाम हासिल कर रहा है और दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्था बना हुआ है.

यह भी पढ़ें: AI से लेकर न्यू टेक तक, BRICS में बनेगी Tech Strategy



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *