जम्मू-कश्मीर काग्रेस के प्रमुख तारिक हामिद कर्रा ने वंदे मातरम् को लेकर मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला के बयान की आलोचना की है. उमर ने कहा था कि केंद्र के निर्देश के अनुसार ‘वंदे मातरम्’ का पूरा संस्करण नहीं गाने पर कश्मीरियों को जेल भेजा जा सकता है. कर्रा ने शुक्रवार को उमर की इस टिप्पणी को ‘बेहद दुर्भाग्यपूर्ण’ और ‘हकीकत से दूर’ बताया.
इससे पहले फिल्म महोत्सव में राष्ट्रगीत के पूर्ण संस्करण के बजाए जाने को लेकर उठे विवाद पर प्रतिक्रिया देते हुए उमर अब्दुल्ला ने कहा था कि यह कानूनी अनिवार्यता है और सवाल किया था कि क्या कांग्रेस चाहती है कि इस मुद्दे पर कश्मीरियों को जेल भेजा जाए?
वंदे मातरम् को लेकर कर्रा ने केरलम का दिया उदाहरण
इसके जवाब में कर्रा ने कहा कि केरलम ने वंदे मातरम् के केवल पहले दो अंतरों को गाने का फैसला किया था और इसके लिए किसी को जेल नहीं भेजा गया. प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा, ‘‘उमर अब्दुल्ला साहब की टिप्पणी वास्तविकता से दूर है और इसलिए बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है.’’ जम्मू-कश्मीर के अंतरराष्ट्रीय फिल्म महोत्सव (आईएफएफजेके) के उद्घाटन समारोह में राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम्’ का पूरा संस्करण बजाए जाने को लेकर कांग्रेस द्वारा सत्तारूढ़ नेशनल कॉन्फ्रेंस की आलोचना के बाद गठबंधन सहयोगियों के बीच मतभेद सामने आए हैं.
‘वंदे मातरम् मुद्दे का अनावश्यक रूप से राजनीतिकरण किया गया’
उमर अब्दुल्ला ने इस कदम का बचाव करते हुए कहा था कि इस मुद्दे का अनावश्यक रूप से राजनीतिकरण किया गया. मुख्यमंत्री ने कहा था कि कानूनी रूप से जहां भी राष्ट्रगान बजाया जाता है, वहां वंदे मातरम् के सभी छह अंतरों को अनिवार्य कर दिया गया है. उन्होंने कहा था, ‘‘यह केवल जम्मू-कश्मीर के लिए नहीं है, बल्कि पूरे देश में लागू होता है. कांग्रेस शासित राज्यों में भी सरकारी कार्यक्रमों में ऐसा ही होगा. यह अब वैधानिक दायित्व है.’’
‘क्या कांग्रेस चाहती है कि इस मुद्दे पर कश्मीरियों को जेल भेजा जाए’
उमर ने सवाल किया था, ‘‘क्या कांग्रेस चाहती है कि इस मुद्दे पर कश्मीरियों को जेल भेज दिया जाए?’’मुख्यमंत्री ने कहा था कि उनकी पार्टी ने पूरे गीत को नहीं अपनाया है और अगर भविष्य में कांग्रेस सत्ता में आने के बाद इसे वापस लेती है तो उन्हें कोई आपत्ति नहीं होगी.
कानूनी दायित्वों का हमें पालन करना होगा- उमर अब्दुल्ला
उन्होंने कहा था, ‘‘जब कांग्रेस सत्ता में आएगी और मैं प्रार्थना करता हूं कि वह जल्द से जल्द सत्ता में आए, तो वह संसद में इसे वापस ले सकती है. हमें कोई आपत्ति नहीं है. वास्तव में, एक पार्टी के रूप में हमने कभी वंदे मातरम् को नहीं अपनाया है और भविष्य में भी नहीं अपनाएंगे. लेकिन जो भी कानूनी और वैधानिक दायित्व हैं, हमें उनका पालन करना होगा.’’
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