Headlines

‘लाशों पर राजनीति…’, बालाघाट में अभिजीत दीपके से भिड़े इंफ्लुएंसर्स


मध्य प्रदेश के बालाघाट जिले में शनिवार (12 सितंबर) को मृत बच्चों के परिजनों से मिलने पहुंचे कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके को लेकर विवाद खड़ा हो गया. बिरसा ब्लॉक के कुंडेकसा और बांदरी समेत आसपास के गांवों में दौरे के दौरान सोशल मीडिया इंफ्लुएंसर्स और कंटेंट क्रिएटर्स के एक समूह ने उन्हें घेर लिया. इस दौरान जमकर नारेबाजी हुई और दीपके व इंफ्लुएंसर्स के बीच तीखी बहस देखने को मिली. पूरे घटनाक्रम का वीडियो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है.

अभिजीत दीपके आदोरी, कोरका और बोंदारी गांवों में उन आदिवासी परिवारों से मिलने पहुंचे थे, जिनके बच्चों की कथित तौर पर संक्रामक बीमारियों के कारण मौत हुई है. बताया गया कि दीपके का मकसद प्रभावित परिवारों से मुलाकात करने के साथ ही इलाके में स्वास्थ्य सुविधाओं की स्थिति की जानकारी जुटाना था.

मुंबई के जाम में फंसे नितिन गडकरी, बोले- ‘इसके लिए मैं जिम्मेदार…’

इसी दौरान सोशल मीडिया पर सक्रिय लोगों का एक समूह वहां पहुंच गया. वायरल वीडियो में कुछ लोग दीपके से सवाल-जवाब करते नजर आ रहे हैं. देखते ही देखते माहौल गरमा गया और दोनों पक्षों के बीच तीखी बहस होने लगी.

‘लाशों पर राजनीति करने’ का लगाया आरोप

सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो में एक महिला खुद को इंफ्लुएंसर बताते हुए कार में बैठे अभिजीत दीपके के सामने माइक लेकर सवाल करती सुनाई दे रही है. महिला ने उनसे पूछा कि क्या वह ‘लाशों पर राजनीति करने’ आए हैं और इतनी देर से क्षेत्र का दौरा क्यों कर रहे हैं.

वीडियो में दीपके क्षेत्र का दौरा करने में हुई देरी के लिए माफी मांगते हुए सुनाई दे रहे हैं. इसी दौरान महिला को यह कहते भी सुना गया, ‘यहां अच्छी सड़क बनी है, दिखाई नहीं दे रही क्या?’

बहस बढ़ने के बाद दीपके के साथ मौजूद सीजेपी कार्यकर्ताओं ने उन्हें दूसरी कार में बैठाया और वहां से रवाना कर दिया. उनके वहां से जाने के दौरान महिला को ‘भाग गया, भाग गया’ कहते हुए भी सुना जा सकता है.

इस घटनाक्रम के बाद स्थानीय स्तर पर भी कई तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं. कुछ स्थानीय पत्रकारों ने दावा किया कि दूरदराज के गांव में बाहर से आए सोशल मीडिया इंफ्लुएंसर्स के इतने बड़े समूह को देखकर वे हैरान थे. उन्होंने आशंका जताई कि अभिजीत दीपके के दौरे में बाधा डालने के लिए इन लोगों को किसी के कहने पर वहां भेजा गया था.

हालांकि, इस दावे की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है. फिलहाल वायरल वीडियो को लेकर सोशल मीडिया पर अलग-अलग तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं.

बच्चों की मौत के मामले में हाईकोर्ट भी गंभीर

बालाघाट में बच्चों की मौत का मामला अब अदालत तक भी पहुंच चुका है. मध्यप्रदेश हाईकोर्ट की जबलपुर पीठ ने इसी सप्ताह क्षेत्र में 30 से अधिक बच्चों की मौत के मामले में राज्य सरकार से जवाब मांगा है.

कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश विवेक रूसिया और न्यायमूर्ति प्रदीप मित्तल की खंडपीठ ने एक जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए राज्य के स्वास्थ्य विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग, बालाघाट जिलाधिकारी और अन्य को नोटिस जारी किए हैं.

‘ईरान के राष्ट्रपति शेर, बाकी सब व्यापारी’, किस पर बरसे संजय राउत?

याचिका में आरोप लगाया गया है कि बच्चों को पर्याप्त इलाज नहीं मिल रहा है और करीब 400 बच्चों का इलाज महज 50 बिस्तरों की क्षमता वाले अस्पताल में किया जा रहा है.

ऐसे में एक तरफ बच्चों की मौत और स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर सवाल उठ रहे हैं, तो दूसरी तरफ प्रभावित गांवों में नेताओं और सामाजिक संगठनों की आवाजाही के बीच विवाद भी सामने आ रहा है. अब वायरल वीडियो के बाद बालाघाट का यह मामला एक बार फिर चर्चा में है.

Input By : अर्पित वैद्य



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *