Headlines

आतंकवाद पर भारत-चीन साथ, मुनीर की बढ़ेगी टेंशन! ब्रिक्स में ऐसा क्या हुआ


ब्रिक्स समिट में जारी नई दिल्ली घोषणा पत्र में कश्मीर के पहलगाम में 22 अप्रैल 2025 को हुए आतंकवादी हमले की कड़ी निंदा की गई है. ये घोषणा पत्र 45 पन्नों का है और इसमें 140 प्वाइंट हैं. ब्रिक्स ने आतंकवाद, आर्थिक मदद, सीमा पार आतंकवाद और आतंकवादियों को सुरक्षित ठिकाना दिए जाने के खिलाफ मिलकर कार्रवाई करने की प्रतिबद्धता दोहराई है.

घोषणा पत्र में कहा गया है कि आतंकवाद को किसी धर्म, राष्ट्रीयता, सभ्यता या जातीय समूह से नहीं जोड़ा जाना चाहिए. इसके अलावा ब्रिक्स देशों ने युवाओं में कट्टरपंथ और चरमपंथ को रोकने के लिए सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया. ब्रिक्स देशों ने आतंकवाद को आर्थिक मदद, मानव तस्करी, हथियारों की तस्करी, मनी लॉन्ड्रिंग, साइबर अपराध, भ्रष्टाचार और डिजिटल धोखाधड़ी से निपटने के लिए आपसी सहयोग बढ़ाने की जरूरत बताई.

संगठित अपराधों पर क्या कहा गया
इसमें संगठित ऑनलाइन ठगी नेटवर्क को खत्म करने, अपराध से अर्जित धन की पहचान, इसकी वसूली और पीड़ितों की सुरक्षा पर भी जोर दिया गया है. ब्रिक्स देशों ने अपने घोषणा पत्र में कहा, “हम आतंकवाद के किसी भी कृत्य की कड़ी निंदा करते हैं, क्योंकि यह आपराधिक है और इसे किसी भी तरह से उचित नहीं ठहराया जा सकता, चाहे इसके पीछे कोई भी वजह हो. यह कहीं भी, कभी भी या किसी ने भी किया हो.”

पहलगाम हमले की कड़ी निंदा
घोषणा पत्र में कहा गया, “हम 22 अप्रैल 2025 को जम्मू-कश्मीर में हुए आतंकवादी हमले की सबसे कड़े शब्दों में निंदा करते हैं, जिसमें 26 लोग मारे गए और कई अन्य घायल हुए.” आगे कहा गया कि हम आतंकवाद के सभी रूपों और इसे जाहिर करने के तरीकों से निपटने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराते हैं, जिसमें आतंकवादियों की सीमा पार आवाजाही, आतंकवाद को आर्थिक मदद और आतंकवादियों के लिए सुरक्षित ठिकाने शामिल हैं.”

इसमें आगे कहा गया है, “हम आतंकवाद के प्रति शून्य सहनशीलता सुनिश्चित करने का आह्वान करते हैं और आतंकवाद से निपटने में डबल स्टैंडर्ड को खारिज करते हैं. हम आतंकवाद से निपटने में राज्यों की प्राथमिक जिम्मेदारी पर जोर देते हैं.” ब्रिक्स देशों ने संयुक्त राष्ट्र की सूची में शामिल सभी आतंकवादियों और आतंकवादी संगठनों के खिलाफ कार्रवाई का आह्वान किया है.

ये भी पढ़ें

‘सरेंडर नहीं करेगा ईरान’, US पर भड़के पेजेशकियान, ब्रिक्स से दी चेतावनी





Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *