आयाम सेमानी को सबसे अलग बनाता है इसका गहरा काला रंग है. ऊपर से नीचे तक यह मुर्गी इतनी काली होती है कि देखने वाले की आंखें खुली की खुली रह जाएं. इसके पंख, कलगी, चोंच, पैर और नाखून ही नहीं, बल्कि इसकी जीभ, मुंह के अंदर का हिस्सा और यहां तक कि इसकी हड्डियां और मांस भी पूरी तरह काले होते हैं. जेनेटिक्स की दुनिया में इस दुर्लभ बनावट को फाइब्रोमेलानोसिस कहा जाता है.

कीमत की बात करें तो अंतरराष्ट्रीय बाजार में आयाम सेमानी मुर्गी लगभग 2 लाख से 6 लाख रुपये तक में बिकती है. भारत के हिसाब से देखें तो यह रकम कई तोला सोने के बराबर बैठती है. इसके चूजे भी आम पोल्ट्री बर्ड्स की तरह सस्ते नहीं मिलते. इसके एक छोटे से चूजे की शुरुआती कीमत ही बीस से पच्चीस हजार रुपये से ऊपर शुरू होती है.

अब आते हैं इसके अंडों के बाजार पर जिसकी चर्चा सोशल मीडिया से लेकर हाई-प्रोफाइल पार्टियों में खूब रहती है. कई लोगों को लगता है कि इसका अंडा काला होता है. तो आपको बता दें ऐसा नहीं है इसका अंडा हल्के क्रीम या गुलाबी रंग का होता है. इसका एक अंडा 1500 से लेकर 3000 रुपये तक में बिकता है और लोग इसे खरीदने के लिए महीनों तक वेटिंग लिस्ट में रहते हैं.

अंडों के इतने महंगे होने की सबसे बड़ी वजह इनकी बेहद धीमी प्रोडक्शन साइकिल है. आम हाइब्रिड मुर्गियां जहां साल में 250 से 300 तक अंडे दे देती हैं. वहीं एक आयाम सेमानी मुर्गी सालभर में मुश्किल से 60 से 80 अंडे ही दे पाती है. इसके अलावा, एक बार में 20-25 अंडे देने के बाद यह कई महीनों के लिए अंडा देना बिल्कुल बंद कर देती है. कम सप्लाई और एलीट क्लास की भारी डिमांड के चलते इसके अंडों के भाव हमेशा आसमान छूते रहते हैं.

आयाम सेमानी मुर्गी को लेकर इंडोनेशिया और जावा के पारंपरिक समाजों में कई मान्यताएं भी जुड़ी हुई हैं. वहां के स्थानीय लोग मानते हैं कि आयाम सेमानी में दैवीय शक्तियां होती हैं और यह घर को बुरी नजर से बचाती है. इंडोनेशिया के अमीर लोग इसे अच्छी किस्मत, दौलत और पावर का प्रतीक मानकर अपने बड़े-बड़े फार्महाउसों में पालते हैं.

अगर भारत की बात करें तो यहां का कड़कनाथ भी काला होता है, लेकिन आयाम सेमानी उसके मुकाबले कहीं ज्यादा दुर्लभ है. कड़कनाथ का मांस जहां आम तौर पर 800 से 1000 रुपये किलो बिक जाता है. वहीं आयाम सेमानी का मांस लाखों तक में बिकता है. यूरोप और अमेरिका के बड़े-बड़े शेफ इसे दुनिया का सबसे लग्जरी और रेयर मीट मानते हैं.

आज के समय में एग्री-बिजनेस करने वालों के लिए यह मुर्गी तगड़ा इन्वेस्टमेंट साबित हो सकती है. भारत में भी कुछ गिने-चुने आधुनिक ब्रीडर्स ने इसे तैयार करना शुरू किया है. लेकिन इसकी शुद्ध नस्ल को बचाकर रखना और ठंड से बचाना बड़ा पेचीदा काम है. इसे पालने के लिए खास तरह का साफ-सुथरा माहौल, प्रोटीन रिच डाइट और रेगुलर मेडिकल केयर की जरूरत होती है. वरना मौसम बदलते ही नुकसान हो सकता है.

आयाम सेमानी मुर्गी और उसके अंड की कीमत इतनी ज्यादा होने के चलते इसे आम मार्केट में बेच पाना थोड़ा मुश्किल काम होता है. इसलिए पहले इसकी मार्केट तैयार करना जरूरी है. फिर ही इसे पालने के बारे में सोचा जा सकता है. इसे पालने में सामान्य मुर्गीपालन के मुकाबले लागत काफी ज्यादा आ सकती है. इसलिए पहले तैयारी कर लें उसके बाद ही कोई फैसला लें.
Published at : 13 Sep 2026 01:55 PM (IST)
