- आज 14 सितंबर को घरेलू ईंधन कीमतें स्थिर रहीं.
- अंतर्राष्ट्रीय कच्चे तेल के दाम में भारी वृद्धि हुई.
- होर्मुज स्ट्रेट में हमले से तेल आपूर्ति बाधित हुई.
- विशेषज्ञों के अनुसार, तेल $120-130 प्रति बैरल पहुंच सकता.
आज 14 सितंबर 2026 को भारत में पेट्रोल और डीजल की कीमतें स्थिर बनी हुई हैं. अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव के बावजूद घरेलू स्तर पर ईंधन के कीमतों का स्थिर रहना ग्राहकों के लिए एक राहत की बात है. देश की राजधानी दिल्ली में पेट्रोल 102.12 रुपये प्रति लीटर और डीजल 95.20 रुपये प्रति लीटर पर बिक रहा है.
शहरवार देखें कीमत
| शहर | पेट्रोल की कीमत (प्रति लीटर) | डीजल की कीमत (प्रति लीटर) |
| दिल्ली | 102.12 रुपये | 95.20 रुपये |
| मुंबई | 111.31 रुपये | 97.97 रुपये |
| कोलकाता | 113.51 रुपये | 99.82 रुपये |
| चेन्नई | 107.78 रुपये | 99.56 रुपये |
| गुरुग्राम | 102.97 रुपये | 95.94 रुपये |
| पटना | 113.35 रुपये | 99.36 रुपये |
| नागपुर | 111.90 रुपये | 98.20 रुपये |
| श्रीनगर | 104.10 रुपये | 92.81 रुपये |
| इंदौर | 114.32 रुपये | 99.41 रुपये |
आज कच्चे तेल की कीमत
मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव और होर्मुज स्ट्रेट और लाल सागर जैसे प्रमुख शिपिंग रूटों पर जहाजों की आवाजाही प्रभावित होने से कच्चे तेल की कीमतों में इस महीने बेतहाशा बढ़ोतरी हुई है. आज ग्लोबल बेंचमार्क माना जाने वाला ब्रेंट क्रूड 107.64 डॉलर प्रति बैरल के आसपास ट्रेड कर रहा है. हाल ही में इसने 109 डॉलर के स्तर को भी छू लिया था. वहीं, आज अमेरिकी बेंचमार्क वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI Crude) की कीमत 102.86 डॉलर प्रति बैरल है.
क्या अभी और बढ़ेगी क्रूड ऑयल की कीमत?
ब्रिटिश नौसेना से जुड़ी समुद्री सुरक्षा एजेंसी UK मैरीटाइम ट्रेड ऑपरेशन्स (UKMTO) के मुताबिक, रणनीतिक रूप से अहम होर्मुज स्ट्रेट (Strait of Hormuz) से गुजरते समय एक कमर्शियल जहाज पर किसी अज्ञात चीज (प्रोजेक्टाइल) से हमला हुआ.
रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, यह घटना होर्मुज से होने वाली शिपिंग में भारी रुकावट के बीच हुई है. यह एक अहम समुद्री ‘चोकपॉइंट’ है, जहां से मौजूदा तनाव से पहले दुनिया की कुल तेल आपूर्ति का लगभग पांचवां हिस्सा गुजरता था.
जैसा कि पहले ही देखने को मिल रहा है कि सप्लाई ठप होने की आशंका से वैश्विक बाजारों में घबराहट है. ब्रेंट क्रूड के दाम उछलकर 107 डॉलर प्रति बैरल के पार चले गए हैं. अगर इस रूट पर तनाव लंबे समय तक बरकरार रहा, तो एक्सपर्ट्स का मानना है कि कच्चा तेल 120 से 130 डॉलर प्रति बैरल के रिकॉर्ड स्तर को भी छू सकता है.
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