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गर्लफ्रेंड पर लुटाए 3.5 करोड़, ब्रेकअप होते ही कोर्ट पहुंचे भारतीय मूल के CEO


रिलेशनशिप में रहते हुए प्यार के नाम पर अपनी गर्लफ्रेंड पर करोड़ों रुपये खर्च करना एक भारतीय मूल के CEO को भारी पड़ गया. सिंगापुर में एक हाई-प्रोफाइल मामला सामने आया है, जहां एक कारोबारी ने ब्रेकअप के बाद अपने एक्स-गर्लफ्रेंड पर खर्च किए गए 3.5 करोड़ रुपए की रकम वापस लेने के लिए कोर्ट का दरवाजा खटखटाया. लेकिन कोर्ट ने उनकी मांग को खारिज कर दिया. 

क्या है पूरा मामला?

यह मामला सिंगापुर हाई कोर्ट का है, जहां भारत में लिस्टेड लॉजिस्टिक्स कंपनी TCI Express के CEO और मैनेजिंग डायरेक्टर चंदर अग्रवाल ने 2023 में ब्रेकअप के बाद अपनी एक्स-गर्लफ्रेंड फेलिशिया ली के खिलाफ मुकदमा दायर किया था. अग्रवाल ने दावा किया कि उन्होंने ली करीब 468,090 सिंगापुर डॉलर यानी भारतीय करेंसी में 3.5 करोड़ रुपए ब्याज मुक्त कर्ज के तौर पर दिए थे, जिसे वापस किया जाना चाहिए. 

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किन चीजों में खर्च हुए करोड़ों रुपये?

अदालती दस्तावेजों के मुताबिक, रिश्ते के दौरान चंदर अग्रवाल ने फेलिशिया ली के कई खर्चों का पेमेंट किया था. इन खर्चों में कई तरह के निजी खर्च और महंगी खरीदारी शामिल थीं. 

  • क्रेडिट कार्ड बिलों पर करीब 2.06 लाख सिंगापुर डॉलर खर्च किए गए, जो भारतीय करेंसी में करीब 1.38 करोड़ रुपये हैं.
  • विदेश यात्राओं पर करीब 1.29 लाख सिंगापुर डॉलर यानी करीब 86.4 लाख रुपये खर्च हुए.
  • जीवन बीमा के प्रीमियम के लिए करीब 15,775 सिंगापुर डॉलर, जो भारतीय मुद्रा के रूप में 10.6 लाख रुपये दिए गए.
  • फेंगशुई से जुड़ी सलाह के लिए करीब 17,000 सिंगापुर डॉलर यानी 11.4 लाख रुपये खर्च किए.
  • स्टैनफोर्ड-एनयूएस के एग्जीक्यूटिव प्रोग्राम के लिए करीब 30,000 सिंगापुर डॉलर यानी 20.1 लाख रुपये का पेमेंट किया गया.
  • इसके अलावा, हर्मेस, डायर, प्राडा और लुई विटॉन जैसे कई लग्जरी ब्रांड की खरीदारी भी इन खर्चों में शामिल थी. 

कोर्ट ने क्यों नहीं माना इसे कर्ज?

अग्रवाल का कहना था कि उन्होंने यह रकम अपनी एक्स-गर्लफ्रेंड को कर्ज के तौर पर दिया था और ब्रेकअप के बाद इसे अब वापस किया जाना चाहिए. हालांकि, अदालत के सामने इस दावे को साबित करने के लिए कोई ठोस सबूत नहीं रखा जा सका. 

सिंगापुर हाई कोर्ट ने 9 सितंबर को दिए फैसले में कहा कि यह रकम कर्ज के तौर पर नहीं, बल्कि रिश्ते के दौरान अपनी इच्छा से गिफ्ट के तौर पर दिए गए थे. अदलट के मुताबिक, मौजूदा सबूत इस बात की ओर इशारा करता है कि ये रकम रिलेशनशिप के दौरान दिए गए थे. इसलिए ब्रेकअप के बाद इसे कर्ज बताकर मांगना कानूनी तौर पर सही नहीं माना जा सकता है. 

CEO को कोर्ट से क्या मिल फैसला?

सिंगापुर हाई कोर्ट ने चंदर अग्रवाल का यह दावा खारिज कर दिया. इसका मतलब है कि वह अपनी एक्स-गर्लफ्रेंड से 468,090 सिंगापुर डॉलर यानी करीब 3.5 करोड़ रुपये वापस नहीं ले पाएंगे. इसके अलावा, कोर्ट ने उन्हें फेलिशिया ली के कानूनी खर्चों का भुगतान करने का भी आदेश दिया है.

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