अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रविवार रात आयरलैंड से लौटते समय एयर फोर्स वन में पत्रकारों से बातचीत की. इस दौरान उन्होंने चीन, कनाडा, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) और व्यापार से जुड़े कई मुद्दों पर अपनी बात रखी. ट्रंप ने चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के व्यवहार को उचित बताया, जबकि कनाडा को अमेरिका के लिए सबसे मुश्किल देश बताया. उन्होंने यह भी कहा कि उनकी टैरिफ नीति की वजह से चीनी कारें अमेरिका में नहीं आ पाईं.
शी जिनपिंग के व्यवहार को बताया उचित
ट्रंप ने चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग को लेकर कहा कि उन्हें लगता है कि शी ने अब तक “उचित तरीके से व्यवहार किया है” और अमेरिका ने भी चीन के साथ ठीक व्यवहार किया है. उन्होंने चीन की जासूसी को लेकर कहा कि जब लोग कहते हैं कि चीन अमेरिका की जासूसी करता है तो उनका जवाब होता है कि यह सही है, लेकिन अमेरिका भी चीन की जासूसी करता है.
ट्रंप ने चीन के साथ व्यापार और कारों के आयात पर भी बात की. जब उनसे पूछा गया कि क्या वह कभी चीनी कारों को अमेरिका में आने की अनुमति देंगे, तो उन्होंने कहा कि उन्होंने अभी तक ऐसा नहीं होने दिया है. ट्रंप के मुताबिक, उनकी टैरिफ नीति ने चीनी कारों को अमेरिकी बाजार से बाहर रखा है.
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उन्होंने बताया कि चीनी सामान पर उन्होंने 100 से 150 प्रतिशत तक टैरिफ लगाए थे. ट्रंप ने यूरोप का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां कारों के कारण स्थिति खराब हो रही है, जबकि अमेरिका में अब तक ऐसा नहीं हुआ है. बोइंग विमानों को लेकर पूछे गए सवाल पर ट्रंप ने कहा कि वह उस सौदे को भी पूरा कर लेंगे और दावा किया, “मैं हर डील कर लेता हूं.”
कनाडा को बताया सबसे मुश्किल देश
कनाडा को लेकर ट्रंप ने कहा कि उन्होंने यह नहीं कहा कि कनाडा रूस और चीन से ज्यादा खतरनाक है, बल्कि उनका कहना है कि कनाडा के साथ काम करना सबसे मुश्किल है. उन्होंने कहा, “मैं कनाडा को सबसे खराब देश मानता हूं जिससे निपटना पड़ता है.” ट्रंप ने हालांकि कनाडा के आम लोगों और वहां के नेताओं के बीच अंतर किया. उन्होंने कहा कि कनाडा के लोग शानदार हैं, लेकिन वहां के नेताओं के साथ काम करना बेहद मुश्किल है. ट्रंप ने यह भी कहा कि कनाडा उनके साथ समझौता करने के लिए बहुत उत्सुक है. उन्होंने आरोप लगाया कि कनाडा ने वर्षों तक अमेरिका का फायदा उठाया, लेकिन अब उनके रहते ऐसा नहीं हो रहा है.
‘जो एआई जीतेगा, वही जीतेगा’
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को लेकर ट्रंप ने अपनी पुरानी बात दोहराते हुए कहा कि “जो एआई जीतेगा, वही जीतेगा.” उन्होंने दावा किया कि अमेरिका इस क्षेत्र में काफी आगे है. जब पत्रकार ने उनसे पूछा कि क्या वह खुद एआई का इस्तेमाल करते हैं, तो ट्रंप ने कहा कि हां, वह एआई का इस्तेमाल करते हैं. हालांकि, जब उनसे पूछा गया कि वह इसका इस्तेमाल किस तरह करते हैं, तो उन्होंने इसका जवाब देने से इनकार कर दिया. ट्रंप ने कहा कि एआई का इस्तेमाल कई तरह के कामों के लिए किया जा सकता है, लेकिन उन्होंने यह बताने से साफ इनकार कर दिया कि वह व्यक्तिगत रूप से इसका इस्तेमाल किस काम के लिए करते हैं.
