यूक्रेन में रविवार (13 सितंबर 2026) को एक बड़ा ड्रोन हमला किया गया, जब पोलैंड की सीमा के पास कीव से वारसॉ जा रही एक पैसेंजर ट्रेन को निशाना बनाया गया. ट्रेन में 200 से ज्यादा यात्री सवार थे, लेकिन समय रहते उन्हें सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया और किसी के घायल होने की खबर नहीं है. यह हमला उस ट्रेन के कुछ ही मिनट बाद हुआ, जिसमें ब्रिटेन के पूर्व प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन और स्वीडन के पूर्व प्रधानमंत्री कार्ल बिल्ड्ट समेत कई विदेशी नेता और अधिकारी यात्रा कर रहे थे.
रिपोर्टों के मुताबिक, बोरिस जॉनसन, कार्ल बिल्ड्ट और दूसरे विदेशी प्रतिनिधि कीव में एक सुरक्षा सम्मेलन में शामिल होने के बाद ट्रेन से पोलैंड की ओर लौट रहे थे. यात्रा के दौरान यूक्रेनी रेलवे की सुरक्षा टीम को ड्रोन हमले का अलर्ट मिला. इसके बाद ट्रेन को रोककर यात्रियों को कुछ समय के लिए बाहर निकाल दिया गया. बिल्ड्ट ने सोशल मीडिया पर बताया कि जिस ट्रेन पर हमला हुआ, वह उनकी ट्रेन नहीं थी, बल्कि उनके ट्रेन के कुछ मिनट बाद पोलिश सीमा की ओर जा रही थी. उन्होंने सुरक्षा व्यवस्था की तारीफ करते हुए कहा कि समय रहते ट्रेन को खाली करा लिया गया और किसी को चोट नहीं आई.
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पोलैंड सीमा से करीब 2 किलोमीटर दूर हुआ हमला
यूक्रेनी रेलवे के मुताबिक, ड्रोन ने वोलिन क्षेत्र में यात्री ट्रेन के लोकोमोटिव को निशाना बनाया. यह जगह पोलैंड की सीमा से करीब दो किलोमीटर दूर बताई गई है. रेलवे अधिकारियों ने कहा कि हमले से पहले ट्रेन के चालक दल को खतरे की जानकारी मिल गई थी, जिससे यात्रियों को समय रहते सुरक्षित स्थान पर ले जाया जा सका. अमेरिकी समाचार एजेंसी एपी के मुताबिक, हमले के समय इलाके में विदेशी प्रतिनिधियों को ले जाने वाली विशेष ट्रेन पहले ही आगे निकल चुकी थी. यूक्रेनी रेलवे ने भी बताया कि सुरक्षा कारणों से उस ट्रेन को तय समय से पहले रवाना किया गया था.
This wasn’t our train, but the one just minutes after us by the 🇵🇱 border crossing. It was evacuated as the 🇷🇺 drone approached and no one was hurt. Very good safety system. Our train just had an evacuation warning but could proceed to Dorohusk. The 🇷🇺 attacks against 🇺🇦 are…
— Carl Bildt (@carlbildt) September 13, 2026
ट्रेन में कई देशों के अधिकारी मौजूद थे
बोरिस जॉनसन और कार्ल बिल्ड्ट के अलावा इस यात्रा में कई यूरोपीय सुरक्षा और विदेश नीति से जुड़े अधिकारी शामिल थे. रिपोर्टों के अनुसार, जर्मनी के वरिष्ठ सुरक्षा सलाहकारों के साथ ब्रिटेन, फ्रांस और इटली से जुड़े अधिकारी भी इस समूह का हिस्सा थे. पूर्व CIA प्रमुख डेविड पेट्रेयस के भी क्षेत्र में मौजूद होने की रिपोर्ट सामने आई है. हमले के बाद कुछ समय के लिए सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी गई. बाद में खतरा कम होने पर ट्रेन को आगे बढ़ने की अनुमति दी गई.
बोरिस जॉनसन ने रूस पर साधा निशाना
बोरिस जॉनसन ने घटना की निंदा करते हुए इसे बेवजह किया गया हमला बताया. उन्होंने कहा कि यूक्रेन में आम लोगों और रेलवे कर्मचारियों को लगातार ऐसे हमलों का सामना करना पड़ रहा है. जॉनसन ने पश्चिमी देशों से यूक्रेन की एयर डिफेंस क्षमता मजबूत करने की अपील की. उन्होंने यह भी कहा कि यूरोप और ब्रिटेन में फ्रीज की गई रूसी संपत्तियों को यूक्रेन की मदद के लिए इस्तेमाल करने पर विचार किया जाना चाहिए.
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