भारत के विदेश मंत्रालय (MEA) के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल का एक वीडियो सोशल मीडिया पर काफी वायरल हो रहा है. यह वीडियो दिल्ली में आयोजित ब्रिक्स शिखर सम्मेलन का है, जिसमें वह मीटिंग के बीच टेबल पर रखे ड्राई फ्रूट्स खाते हुए नजर आ रहे हैं. इस पर केरल कांग्रेस ने तंज कसते हुए कहा कि रणधीर जायसवाल बहुत शानदार काम कर रह हैं. पार्टी ने एक्स पर पोस्ट कर लिखा, ‘केरल कांग्रेस ने कुछ पैसे जमा करके विदेश मंत्री एस जयशंकर को केरल के बेहतरीन काजू की एक बोरी भेजने का फैसला किया है. भाई, कृपया इसे पूरी टीम के साथ शेयर करें.’
सोशल मीडिया पर कुछ ट्रोलर्स ने रणधीर जायसवाल के वीडियो की रफ्तार को 3 गुना तेज करके शेयर कर दिया. इसके बाद सोशल मीडिया पर उन्हें निशाना बनाया जाने लगा. सम्मेलन में आए प्रतिनिधिमंडलों और अधिकारियों के खाने के लिए ही टेबल पर स्नैक्स रखे गए थे. लंबे समय तक चलने वाली बैठकों में अधिकारियों का नाश्ता करना पूरी तरह से सामान्य बात है. इस बात को समझते हुए कई यूजर्स ने रणधीर जायसवाल का बचाव किया.
Mr. Jaiswal is smashing it out of the parks.
At @INCKerala, we’ve decided to pool in some money and send a sack of lovely Kerala Cashews to @DrSJaishankar. Please share it with the entire team bro. pic.twitter.com/WcSDpX237p
— Congress Kerala (@INCKerala) September 14, 2026
पूर्व नौसेना अधिकारी अनिल तलवार ने मजाक उड़ाते हुए लिखा कि विदेश मंत्रालय को अपने अफसरों को बड़े अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रमों में भेजने से पहले खाना खिला देना चाहिए. उन्होंने कहा कि असली बैठक तो जायसवाल और स्नैक्स के कटोरे के बीच चल रही थी. कांग्रेस नेता श्रीनिवास बीवी ने भी तंज कसते हुए लिखा कि जहां बाकी सब ब्रिक्स की तैयारी के साथ आए थे, वहीं जायसवाल जी अपने “डिब्बे” की तैयारी के साथ आए थे.
शिवसेना (यूबीटी) नेता प्रियंका चतुर्वेदी ने ट्रोलर्स को आड़े हाथों लिया. उन्होंने कहा, ‘रणधीर जायसवाल विदेश मंत्रालय के बेहतरीन प्रवक्ताओं में से एक हैं. उनका मजाक उड़ाने वाला वीडियो शेयर करने से जायसवाल जी की काबिलियत कम नहीं होती, बल्कि ऐसा करने वालों की घटिया सोच पता चलती है.’
बीजेपी नेता संजू वर्मा ने विपक्ष और ट्रोल्स को निशाना बनाते हुए कहा, ‘ब्रिक्स 2026 को सफल बनाने के लिए इन अधिकारियों ने दिन-रात काम किया है. ऐसे में अगर किसी ने काम के बीच ड्राई फ्रूट्स खा लिए, तो इसमें गलत क्या है?’ उन्होंने लोगों से अधिकारियों के प्रति इस तरह की असंवेदनशीलता बंद करने की अपील की.
