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AUD छात्र परिषद चुनाव: AISA ने ABVP के काउंसलर जीत के दावों पर उठाए सवाल, 8 सीटों के दावे को किया खारिज


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  • SFI को पिछले साल से कम 19 काउंसलर सीटें मिलीं.

अंबेडकर विश्वविद्यालय दिल्ली (AUD) में छात्र परिषद (AUDSC) के काउंसलर पदों के चुनाव 2026 को लेकर ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) और अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) के बीच दावों का विवाद छिड़ गया है. यह चुनाव प्रोग्राम प्रतिनिधियों का था, जो बाद में परिषद की मुख्य समिति चुनते हैं. 

AISA ने अपनी प्रेस रिलीज में कहा कि ABVP ने 8 काउंसलर पदों का दावा किया था, लेकिन कश्मीरी गेट कैंपस में बीए हिंदी की एक उम्मीदवार, लोधी रोड कैंपस की एक उम्मीदवार और करमपुरा कैंपस की एक उम्मीदवार ने आधिकारिक तौर पर ABVP के बैनर तले चुनाव नहीं लड़ा. AISA का कहना है कि इससे साफ है कि ABVP को छात्रों का खास समर्थन नहीं मिल सका. वहीं, ABVP  ने भी अपनी प्रेस रिलीज जारी कर कहा कि विश्वविद्यालयों में ABVP की स्वीकार्यता बढ़ी है.

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AISA ने क्या दावा किया?

AISA का दावा है कि ABVP की तुलना में उसके चुनावी नतीजे अधिक मजबूत हैं. AISA ने दावा किया कि उसके 13 काउंसलर बिना मुकाबले जीते. वहीं, 12 पदों पर हुए मुकाबले में कश्मीरी गेट के 8 में से 3 और करमपुरा के 2 में से 1 पद पर जीत दर्ज की है. इस तरह कुल मिलाकर AISA को 17 काउंसलर सीटें मिलीं, जबकि पिछले साल यह केवल 7 सीटें हीं थी. साफ है कि इस पर AISA को इस बार बढ़त मिली है. AISA का दावा है कि कुछ अन्य छात्रों के समर्थन से AISA की कुल ताकत अब 23 काउंसलर पदों तक पहुंच गई है. AISA ने कहा कि छात्रों ने प्रशासन की मनमानी और दमन के खिलाफ लड़ने वाले संगठन को चुना है.

ABVP ने क्या दावा किया?

ABVP  ने अपनी प्रेस रिलीज में दावा किया कि कुल 20 सीटों में से उसके समर्थित 8 काउंसलर जीते हैं. ABVP के प्रदेश मंत्री सार्थक शर्मा ने कहा कि यह जीत उन विश्वविद्यालयों में ABVP की बढ़ती स्वीकार्यता को दिखाती है जहां पहले वामपंथी विचारधारा का दबदबा था. उन्होंने कहा कि अंबेडकर विश्वविद्यालय में मिली यह सफलता छात्र समुदाय के बीच ABVP की बढ़ती स्वीकार्यता और विश्वास को दर्शाती है.

वहां, ABVP के 8 काउंसलरों की जीत इस बात का प्रमाण है कि आज देश के विश्वविद्यालयों में ABVP छात्रों की पहली पसंद बन रही है. यह जीत न केवल संगठन की नीतियों और कार्यशैली पर छात्रों के विश्वास को दर्शाती है, बल्कि आने वाले समय में छात्रहित के मुद्दों पर और मजबूती से कार्य करने की प्रेरणा भी देती है.

SFI को पिछले साल की तुलना में मिली कम सीटें

AISA की रिलीज के मुताबिक SFI को कुल 19 काउंसलर पद मिले हैं, जो पिछले साल की 25 से कम हैं. इसमें 12 पद बिना मुकाबले जीते गए. अभी चुनाव का दूसरा चरण बाकी है, जिसमें काउंसलरों द्वारा परिषद की मुख्य समन्वय समिति (अध्यक्ष, उपाध्यक्ष आदि पद) चुनी जाएगी. दोनों संगठनों के विरोधाभासी दावों से AUD छात्र परिषद के काउंसलर पदों के चुनाव को लेकर चर्चा तेज हो गई है. 

 

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