राजस्थान रॉयल्स टीम के मैनेजर रोमी भिंडर को कुछ दिन पहले डगआउट में बैठकर मोबाइल चलाते देखा गया था. फिलहाल भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने उनपर 1 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है और चेतावनी दी है. बीसीसीआई की एंटी-करप्शन यूनिट ने भिंडर को कारण बताओ नोटिस भेजा था, जिसके जवाब में भिंडर का कहना था कि खराब स्वास्थ्य के कारण उन्हें मोबाइल फोन अपने साथ रखना पड़ा था. मामले की पूरी जांच के बाद उन्हें चेतावनी दी गई है.
चेतावनी देकर छोड़ा
जब रोमी भिंडर मोबाइल का इस्तेमाल कर रहे थे, तब राजस्थान रॉयल्स टीम के बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी भी उन्हीं के पास बैठे हुए थे. यहां तक कि वैभव ने फोन में झांक कर भी देखा था. इस मामले में वैभव को लेकर कोई चर्चा नहीं हुई.
जांचकर्ता, रोमी भिंडर के जवाब से पूरी तरह संतुष नहीं थे, इसलिए उनके खिलाफ एक्शन लेना जरूरी समझा गया. इस कारण उनपर एक लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया और साथ ही चेतावनी भी दी गई. BCCI ने साफ किया कि आगे ऐसे मामले सामने आते हैं तो कड़ी कार्रवाई की जाएगी.
क्या वैभव सूर्यवंशी को भी मिली सजा?
इसी रिपोर्ट में खुलासा हुआ कि वैभव सूर्यवंशी को सजा देने जैसे संबंध में कोई चर्चा नहीं हुई. बात कहा गया कि वैभव अभी बच्चे हैं और बेहतर होगा कि फ्रेंचाइजी उन्हें नियमों को बेहतर तरीके से समझाए. एक युवा खिलाड़ी को डराने का कोई अर्थ नहीं है. नियमों के मुताबिक मैनेजर ड्रेसिंग रूम में फोन का इस्तेमाल कर सकते हैं, लेकिन डगआउट में नहीं.
जब खिलाड़ी और स्टाफ मेंबर्स डगआउट में आते हैं, उससे पहले उन्हें फोन जमा करवाने होते हैं. रोमी भिंडर के मामले में करप्शन का कोई मामला सामने नहीं आया, लेकिन बिना अनुमति डगआउट में मोबाइल लाना एक संगीन अपराध माना गया.
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