क्या आपके घर में किसी ने कभी बताया है कि आप सोते समय दांत पीसते हैं, कई लोगों को खुद पता भी नहीं चलता कि नींद के दौरान उनके दांत आपस में रगड़ रहे हैं या जबड़ा कस रहा है. इस हासात को ब्रुक्सिज्म कहा जाता है. यह नींद में भी हो सकता है और जागते समय भी. ,बच्चों और बड़ों, दोनों में यह समस्या देखी जाती है. कभी या हल्का दांत पीसना हमेशा गंभीर समस्या नहीं होता है. लेकिन अगर यह बार बार और ज्यादा हो रहा है तो दांतों और जबड़े पर असर पड़ सकता है। सुबह उठने पर जबड़े में दर्द या जकड़न, सिरदर्द, दांतों में संवेदनशीलता और दांतों के घिसने जैसे इशारा इस समस्या की ओर इशारा कर सकते हैं.
यह परेशानी हो सकती है बड़ी वजह
ब्रुक्सिज्म की एक ही वजह तय नहीं है. तनाव और चिंता इसके साथ जुड़े वजह में शामिल है. इसके अलावा नींद से जुड़ी समस्याएं, जैसे खर्राटे और स्लीप एपनिया, भी इसके साथ जुड़ी हो सकती हैं. फैनेली में किसी को यह परीशानी होने पर भी इसकी चांस बढ़ सकती है. कुछ लोगों में ज्यादा कैफीन का इस्तेमाल और धूम्रपान भी जोखिम बढ़ाने वाले कारकों में शामिल हो सकते हैं. कुछ दवाओं का इस्तेमाल भी ब्रुक्सिज्म की संभावना बढ़ा सकता है, इसलिए दवा को खुद से बंद करने के बजाय डॉक्टर से बात करना बेहतर होता है.
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यह इशारा दे सकता है परीशानी का संकेत
नींद में दांत पीसने वाले व्यक्ति को कई बार इसका पता नहीं चलता है. परिवार का कोई सदस्य रात में दांतों के रगड़ने की आवाज सुन सकता है. सुबह उठने पर जबड़े की मांसपेशियों में दर्द या थकान, सिरदर्द या दांतों में संवेदनशीलता भी इशारा हो सकते है, लंबे समय तक तेज ब्रुक्सिज्म से दांतों का घिसना, टूटना या उनमें दरार जैसी परीशानी हो सकती है.
इससे पता चल सकती है असली समस्या
अगर कोई शख्स से नींद में दांत पीसता है, दांतों में नुकसान या संवेदनशीलता है, या जबड़े और चेहरे में दर्द रहता है तो दंत डेन्टिस्ट से जांच कराना बेहतर होता है. डेन्टिस्ट दांतों के घिसने और जबड़े की मांसपेशियों की जांच कर सकते हैं. जरूरत पड़ने पर नींद की जांच भी कराई जा सकती है, खासकर जब किसी दूसरी नींद से जुड़ी परेशानी का शक हो.
इन चीजों पर ध्यान जरूरी
ब्रुक्सिज्म का इलाज हर व्यक्ति में एक जैसा नहीं होता. हल्के मामलों में हमेशा इलाज की जरूरत नहीं पड़ती है. नींद लेना, सोने जागने का समय सही रखना और तनाव कम करने की कोशिश मदद कर सकती है. दांतों को नुकसान से बचाने के लिए डेन्टिस्ट जरूरत के मुताबिक रात में पहनने वाला माउथगार्ड भी का सलाह दे सकते हैं. इसलिए अगर कोई बार बार बता रहा है कि आप नींद में दांत पीसते है, तो इसे सिर्फ आदत समझकर छोड़ना सही नहीं है. खासकर दांतों में दर्द, संवेदनशीलता, घिसाव या जबड़े में लगातार परेशानी हो तो डेन्टिस्ट से सलाह लेना बेहतर है.
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