केंद्र सरकार ने 16 सितंबर, बुधवार यानी विश्वकर्मा दिवस के मौके पर कर्मचारियों को एक बड़ा तोहफा दिया है. जिसके तहत अब कर्मचारियों की सैलरी लिमिट को बढ़ाकर 25000 रुपये कर दिया गया है. सरकार के इस पैसले के बाद कर्मचारियों के बीच भी काफी खुशी का माहौल है. इसके अलावा भी इस फैले के तहत कर्मचारियों को कई बड़े बेनेफिट्स मिलने वाले हैं, जिनमें से एक है कर्मचारियों का पीएफ शेयर.
अब कंपनी देगी पूरा PF शेयर
कैबिनेट की बैठक में लिए गए सरकार के इस फैसले के बाद कर्मचारी वर्ग में खुशी की लहर दौड़ गई है. इस नए फैसले के बाद कर्मचारियों को अपने पीएफ शेयर को लेकर भी चिंता नहीं करना पड़ेगी. क्योंकि PF का पूरा शेयर अब कंपनी को भरना होगा.
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जब बेसिक सैलरी बढ़कर 25,000 रुपये तक हो गई है तो अब कंपनी कोकानूनी तौर पर PF काटने और अपना 12 प्रतिशत शेयर देने के लिए बाध्य रहना होगा. इससे कर्मचारी की सोशल सिक्योरिटी भी लंबे समय तक बनी रहेगी.
क्या थे पहले नियम?
इससे पहले जो पुराना नियम था उसके तहत जैसे ही कर्मचारी की बेसिक सैलरी 15000 रुपये से बढ़कर 16000 रुपये या 18000 रुपये होती थी, तो कई कंपनियां उन्हें जरूरी PF दायरे से बाहर मान लिया करती थीं और PF काटना बंद कर देती थीं. इस नए फैसल के बाद कंपनियां ऐसा नहीं कर पाएंगी और पीएफ कॉंट्रिब्यूशन सुचारू रूप से चलता रहेगा.
नए नियम से क्या होगा फायदा?
सरकार के इस फैसले और नए नियम के बाद 15 हजार बेसिक सैलरी वाले कर्मचारी का भविष्य सुरक्षित रहेगा. ये लंबी अवधि तक कर्मचारी को फायदा पहुंचाएगा, क्योंकि उनके करियर में आगे चलकर 25 हजार रुपये तक पहुंचने पर कंपनी अपनी तरफ से PF योगदान बंद नहीं कर पाएगी.
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इन हैंड सैलरी पर पड़ेगा असर?
बता दें कि इस फैसले बाद इन हैंड सैलरी को लेकर हो रही चिंता भी दूर की गई है क्योंकि इस फैसले का इनहैंड सैलरी पर कोई असर नहीं पड़ने वाला है. क्योंकि एम्प्लॉयर कंट्रीब्यूशन 12 प्रतिशत फीसदी में से जाएगा, ना कि कर्मचारी की सैलरी से कोई एक्स्ट्रा कटौती होगी. कंपनी के योगदान में से 8.33 प्रतिशत का योगदान पेंशन के तौर पर जमा किया जाएगा, बाकी पीएफ खाते में जमा किया जाएगा.
