लाल साग न सिर्फ सेहत के लिए बहुत फायदेमंद होता है. बल्कि इसकी फसल बहुत कम दिनों में तैयार हो जाती है. रांची के कई स्मार्ट किसान इस फसल को उगाकर महज एक महीने के अंदर कमाई हो रही है. अगर आप भी सही प्लानिंग और स्मार्ट तरीके से इसकी खेती करते हैं. तो आप अपनी आमदनी को आसानी से दोगुना कर सकते हैं और लागत का कई गुना ज्यादा रिटर्न पा सकते हैं.

इसकी खेती शुरू करने से पहले आपको जमीन की तैयारी पर खास ध्यान देना होगा. लाल साग के बीजों को अच्छी उपजाऊ और भुरभुरी मिट्टी की जरूरत होती है. जिसमें पानी बिल्कुल न रुके. खेत की जुताई करके मिट्टी को समतल कर लें और गोबर की सड़ी हुई खाद अच्छी मात्रा में मिला दें. जिससे पौधों को शुरू से ही भरपूर पोषण मिल सके और उनकी ग्रोथ बहुत तेजी से हो.

बीजों की बुवाई करते वक्त यह बात ध्यान रखनी चाहिए कि लाइन से बुवाई करने पर पौधे स्वस्थ रहते हैं. बाजार से हमेशा अच्छी क्वालिटी के सर्टिफाइड बीज ही खरीदें जिससे जर्मिनेशन रेट शानदार मिले. बीजों को मिट्टी में बहुत ज्यादा गहराई पर न डालें बल्कि हल्की परत से ढक दें. बुवाई के तुरंत बाद खेत में हल्का पानी छिड़क दें जिससे नमी बनी रहे और बीज जल्दी से अंकुरित होकर बाहर आ जाएं.

लाल साग की सबसे बड़ी खूबी यह है कि इसे बहुत ज्यादा देखरेख की जरूरत नहीं पड़ती है. सर्दियों या गर्मियों के मौसम में इसकी ग्रोथ बहुत तेज होती है. हालांकि खेत में नमी बनाए रखना बहुत जरूरी है इसलिए मौसम के हिसाब से समय-समय पर हल्की सिंचाई करते रहें. अगर आप ड्रिप इरिगेशन का इस्तेमाल करते हैं तो पानी की बचत भी होगी और पौधों को सही नमी भी मिलती रहेगी.

कीटों और बीमारियों से फसल को बचाना भी जरूरी है. लाल साग पर वैसे तो कम बीमारियां आती हैं. लेकिन फिर भी फंगस या पत्तियां खाने वाले कीटों से फसल को सेफ रखना जरूरी है. इसके लिए आप केमिकल की जगह नीम के तेल या जैविक कीटनाशकों का इस्तेमाल कर सकते हैं. इससे आपकी फसल पूरी तरह शुद्ध और हरी-भरी बनी रहेगी जिसे मार्केट में प्रीमियम रेट मिलेगा.

बुवाई से लेकर कटाई महज 25 से 30 दिन में हो जाती है. यानी महीने के अंदर ही आपकी फसल कटने के लिए तैयार हो जाती है. जब पौधे करीब 20 से 25 सेंटीमीटर के हो जाएं तो उनकी कटाई कर लें. सही समय पर कटाई करने से साग की पत्तियां एकदम ताजी बनी रहती हैं जिन्हें देखकर व्यापारी तुरंत अच्छे दाम देने के लिए तैयार हो जाते हैं.

इसकी हार्वेस्टिंग के बाद लोकल मंडी और सब्जी विक्रेताओं तक माल पहुंचाना बहुत आसान होता है. लाल साग जितना ताजा होगा आपको मार्केट में उतना ही अच्छा भाव मिलेगा. किसान इसे बंडलों में बांधकर सीधे मंडियों में भेज सकते हैं या फिर सुपरमार्केट्स और लोकल वेंडर्स के साथ डायरेक्ट टाई-अप करके अपनी कमाई को बढ़ा सकते हैं.

अगर आप भी खेती में कम लागत लगाकर जल्दी रिटर्न पाना चाहते हैं. तो लाल साग की यह मॉडर्न तकनीक आपके लिए बेहद फायदेमंद साबित हो सकती है. सही समय पर बुवाई, हल्की सिंचाई और जैविक खाद के इस्तेमाल से आप भी महीने के भीतर हजारों-लाखों का मुनाफा कमा सकते हैं. तो फिर देर किस बात की आज ही अपने खेत में इस फसल को लगा दें.
Published at : 16 Sep 2026 02:54 PM (IST)
