- सुरक्षा एजेंसियों ने पाकिस्तान की नापाक साजिश को नाकाम किया।
भारत का जलवा जिस ब्रिक्स शिखर सम्मेलन (BRICS Summit 2026) में पूरी दुनिया ने देखा, उसमें खलल डालने के लिए पाकिस्तान ने पूरी तैयारी कर दी थी. पाकिस्तान जम्मू में अंतरराष्ट्रीय सीमा से घुसपैठ करवाकर किसी बड़ी घटना को अंजाम देने की फिराक में था. पूरी दुनिया के नेता 12-13 सितंबर, 2026 को भारत में ब्रिक्स सम्मेलन के लिए जुटे थे. इस सम्मेलन में विश्व के 11 बड़े देशों से बड़े नेता पहुंचे और मंच साझा किया.
इस सम्मेलन की सफलता से पाकिस्तान बौखलाया हुआ है और अपनी जनता का ध्यान इस पर से हटाने के लिए पाकिस्तान सेना और पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी ISI ने पूरी प्लानिंग की थी. इस प्लानिंग के तहत, जम्मू के कठुआ जिले के हीरानगर से घुसपैठ करवा कर किसी बड़े हमले को अंजाम देना शामिल था.
पाकिस्तान और ISI ने रची बड़ी साजिश
सूत्रों की मानें, तो पाकिस्तान ने अपने इस मंसूबे को अंजाम देने के लिए जम्मू के कठुआ जिले का हीरानगर सेक्टर चुना. पाकिस्तान और उसकी खुफिया एजेंसी की मंशा थी कि कठुआ के हीरानगर सेक्टर के बोबिया इलाके से घुसपैठ कराई जाए.
सूत्रों ने एबीपी न्यूज को बताया कि इस घुसपैठ के लिए पाकिस्तान ने अंतरराष्ट्रीय सीमा के उस तरफ अमरु चक और सुखमल इलाकों का चयन किया था. दरअसल, यह दोनों इलाके भारत-पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय सीमा से सटे हुए हैं और यहां से घुसपैठ कराना पाकिस्तान के लिए सबसे आसान है.
सूत्र ने बताया कि पाकिस्तानी घुसपैठ को सुखमल इलाके से, जहां पाकिस्तान का एक बड़ा लांच पैड है, करवाना चाहता था. इसके साथ ही, अमरूचक इलाके में पाकिस्तान की बड़ी जनसंख्या रहती है और ऐसे में इस जनसंख्या की आड़ में आतंकियों को इस तरफ भेजना पाकिस्तान के प्लान में शामिल था.
भारत में बड़ी कार्रवाई को देना था अंजाम
सूत्रों ने एबीपी न्यूज को यह भी बताया कि इन दोनों इलाकों से आतंकियों को भेज कर किसी बड़ी घटना को अंजाम दिया जाना था. अगर इन दोनों ही जगहों से पाकिस्तान अपने आतंकी इस तरफ भेज देता, तो वह आराम से इस इलाके से घुसपैठ करते हुए जम्मू-पठानकोट नेशनल हाईवे पर पहुंच जाते हैं और फिर उनके लिए टारगेट को चुनना कोई बड़ी बात नहीं थी.
सूत्र बताते हैं कि जम्मू-पठानकोट हाईवे पर पहुंचकर यह आतंकी सरकारी इमारतों, सैन्य प्रतिष्ठानों या आम नागरिकों को निशाना बना सकते थे. अगर पाकिस्तान यह सब करने में कामयाब हो जाता, तो पाकिस्तान की जनता का ध्यान भारत की ब्रिक्स सम्मेलन में हुई वाहवाही से भटक जाता और इस हमले की तरफ आकर्षित हो जाता. सूत्र यह भी बताते हैं कि इस हमले से पाकिस्तान दुनियाभर के अखबारों के सुर्खियां भी बटोर लेता, लेकिन सुरक्षा एजेंसियों को पाकिस्तान की इस नापाक साजिश का पहले से ही पता चल गया और अर्धसैनिक बलों, सेना और जम्मू कश्मीर पुलिस ने इस इलाके में मोर्चा संभाला और पाकिस्तान की हर नापाक साजिश को नाकाम कर दिया.
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