US हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स में रूस पर प्रतिबंध लगाने को लेकर एक नया बिल पास हुआ है. इस बिल के कानून बनने के बाद यूएस भारत और चीन पर 100 प्रतिशत टैरिफ लगा सकता है.’लिंडसे ओ ग्राहम सेंक्शनिंग ऑफ रूस एंड ईरान एक्ट’ नाम का यह बिल 262-159 के बहुमत से पास हुआ है. इस प्रतिनिधि सभा में कुल 6 भारतीय-अमेरिकी सांसद हैं और ये सभी डेमोक्रेटिक पार्टी से हैं. इनमें से सिर्फ राजा कृष्णमूर्ति ही एकमात्र ऐसे भारतीय-अमेरिकी सांसद थे जिन्होंने इस बिल के पक्ष में वोट दिया.
पार्टी का दिया साथ
राजा कृष्णमूर्ति के अलावा 5 भारतीय-अमेरिकी सांसद ने अपनी पार्टी के फैसले का पालन किया है. रो खन्ना, प्रमिला जयपाल, अमी बेरा, श्री थानेदार और सुहास सुब्रमण्यम ने इस बिल के खिलाफ वोट किया.
डेमोक्रेटिक पार्टी का मिला सपोर्ट
यूएस डोनाल्ड ट्रंप की पार्टी को इस बिल को पास करने में डेमोक्रेटिक पार्टी का सपोर्ट मिला है. राजा कृष्णमूर्ति के अलावा डेमोक्रेटिक पार्टी के 58 अन्य सांसदों ने भी इस बिल के पक्ष में मतदान किया.
भारत और चीन पर पड़ेगा असर
यह नया कानून रूस से तेल और गैस खरीदने वाले टॉप 5 देशों पर 100 प्रतिशत टैरिफ लगाने का प्रावधान करता है. इससे भारत और चीन जैसे देशों पर सीधा असर पड़ सकता है. वहीं दूसरी ओर, इसमें अमेरिका द्वारा रूस से खरीदे जाने वाले यूरेनियम को इन प्रतिबंधों से छूट दी गई है. इस बिल की धारा 111 अमेरिकी राष्ट्रपति को निर्देश देती है कि वे रूसी यूरेनियम आयात को नियंत्रित करने वाले मौजूदा अमेरिकी कानून की शर्तों को लागू करें. इसमें खास तौर पर रोसाटॉम (Rosatom) और उसकी किसी भी सहायक या उत्तराधिकारी कंपनी से आने वाले यूरेनियम का जिक्र है.
यूक्रेन को समर्थन
इलिनॉयस से सांसद राजा कृष्णमूर्ति, जो अगले साल जनवरी में सेवानिवृत्त होने वाले हैं, ने वोटिंग से पहले एक यूक्रेनी समूह से मुलाकात की थ. उन्होंने कहा कि यूक्रेन के लोग अपनी आजादी और संप्रभुता के लिए बहादुरी से लड़ रहे हैं और अमेरिका को उनके साथ मजबूती से खड़े रहना चाहिए.
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