SIP Investment: जब हम बच्चों की पढ़ाई के लिए प्लानिंग करते हैं, तो सही समय पर शुरू करना बहुत जरूरी होता है, सिर्फ बड़ा पैसा लगाना काफी नहीं होता. जो बच्चा अभी स्कूल में होता है, वह जल्दी ही कक्षा 8 या 9 में पहुंच जाता है और फिर कॉलेज, प्रोफेशनल कोर्स या विदेश में पढ़ाई जैसे खर्च सामने आने लगते हैं. ये खर्च धीरे-धीरे नहीं बढ़ते, बल्कि अचानक काफी ज्यादा हो जाते हैं.
आजकल भारत में भी पढ़ाई महंगी हो गई है और अच्छे कोर्स की फीस लाखों रुपये तक पहुंच जाती है. अगर विदेश में पढ़ाई की बात करें तो वहां ट्यूशन, रहने और खाने का खर्च मिलाकर यह बहुत ज्यादा हो जाता है. ऐसे में जब बच्चा 17–18 साल का होता है, तब तैयारी करने का समय बहुत कम रह जाता है. इसलिए समय रहते SIP शुरू करना एक अच्छा और समझदारी वाला तरीका माना जाता है.
समय से बनता है बड़ा फंड
कई माता-पिता सोचते हैं कि 1 करोड़ रुपये का शिक्षा फंड बनाने के लिए बहुत ज्यादा पैसा एक साथ निवेश करना जरूरी है. लेकिन असल में, शुरुआत जल्दी करना ज्यादा महत्वपूर्ण होता है, न कि बड़ा निवेश करना. अगर कोई माता-पिता बच्चे के 3–4 साल की उम्र में निवेश शुरू कर देता है, तो उसके पास कई साल होते हैं, जिसमें पैसा धीरे-धीरे बढ़ता रहता है. इस लंबे समय में छोटी-छोटी मासिक SIP भी समय के साथ बढ़कर बड़ा फंड बना सकती है, क्योंकि पैसे को बढ़ने के लिए पर्याप्त समय मिल जाता है.
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मान लीजिए अगर कोई व्यक्ति शुरुआत से ही डाइवर्सिफाइड इक्विटी म्यूचुअल फंड में SIP शुरू करता है, तो 12 से 15 साल के लंबे समय में उसका निवेश काफी बढ़ सकता है. ऐसा इसलिए होता है क्योंकि इसमें मिलने वाला रिटर्न भी समय के साथ अपने आप बढ़ने लगता है. शुरुआत के कुछ सालों में बढ़ोतरी ज्यादा महसूस नहीं होती, क्योंकि राशि छोटी होती है. लेकिन जैसे-जैसे समय बीतता है और पैसा बढ़ता जाता है, कंपाउंडिंग का असर और ज्यादा मजबूत दिखने लगता है, खासकर जब कुल निवेश बड़ा हो जाता है.
निवेश की शुरुआत जल्दी करना बेहतर
अक्सर लोग सोचते हैं कि अभी तो बच्चे की पढ़ाई में काफी समय है, इसलिए निवेश बाद में भी शुरू किया जा सकता है. लेकिन ऐसा करने से बाद में ज्यादा रकम जमा करनी पड़ सकती है. अगर बच्चे के छोटे रहते ही SIP शुरू कर दी जाए, तो कम पैसे में भी अच्छा फंड तैयार किया जा सकता है. वहीं, देर से शुरुआत करने पर हर महीने ज्यादा निवेश करना पड़ता है.
धीरे-धीरे बढ़ा सकते हैं SIP
जरूरी नहीं है कि शुरुआत से ही बड़ी SIP की जाए. आप अपनी सुविधा के अनुसार छोटी रकम से शुरुआत कर सकते हैं और आय बढ़ने पर SIP की राशि भी बढ़ा सकते हैं. जैसे आज 5,000 रुपये से शुरुआत की जाए, तो कुछ साल बाद इसे 8,000 या 10,000 रुपये किया जा सकता है. इससे बचत भी बढ़ती रहती है और एक साथ ज्यादा बोझ भी नहीं पड़ता.
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बाजार में उतार-चढ़ाव से घबराएं नहीं
लंबे समय के निवेश में बाजार का ऊपर-नीचे होना सामान्य बात है. अगर बच्चों की पढ़ाई के लिए 10-15 साल का समय है, तो छोटी-मोटी गिरावट को लेकर परेशान होने की जरूरत नहीं है. कई बार बाजार गिरने पर भी SIP जारी रखने से फायदा हो सकता है, क्योंकि उसी पैसे में ज्यादा यूनिट्स मिल जाती हैं.
नियमित निवेश से बनता है बड़ा फंड
अच्छा फंड बनाने के लिए हर बार सही समय पर निवेश करना जरूरी नहीं है. ज्यादा जरूरी है कि निवेश बीच में बंद न हो. जो लोग सालों तक नियमित रूप से SIP करते रहते हैं, उनके लिए लक्ष्य हासिल करना आसान हो जाता है. बच्चों की पढ़ाई के लिए भी सबसे बड़ा फायदा समय पर शुरुआत और लगातार निवेश करने से मिलता है.
