Radha Ashtami 2026 Barsana: राधा रानी के प्राकट्य उत्सव राधा अष्टमी पर ब्रज की धरती एक बार फिर भक्ति के रंग में रंगी नजर आई. बरसाना में विश्व प्रसिद्ध श्री राधा रानी मंदिर लाडली जी के दर्शन के लिए भक्तों की लंबी कतार लगी है. मंदिर से लेकर गलियों तक वातावरण राधे-राधे के जयघोष से गूंजता रहा. इस मौके पर श्रीकृष्ण की प्रिय राधा रानी का महाभिषेक किया गया, इसका मनमोहकर वीडियो वायरल हो रहा है.
बरसाना में राधा अष्टमी के पावन मौके पर भव्य अभिषेक किया गया. राधा रानी के दर्शन और आशीर्वाद के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु बरसाना पहुंचे. पूरे धाम में भक्ति और उत्सव का माहौल नजर आया.#Mathura #Barsana #radhashtami #vrindavan #HindiNews #ABPNews pic.twitter.com/A9Ffa9l8I5
— ABP News (@ABPNews) September 19, 2026
ब्रह्म मुहूर्त में लाडली जी का महाभिषेक
- राधा अष्टमी के धार्मिक आयोजनों की शुरुआत तड़के करीब 4 बजे ब्रह्म मुहूर्त में हुई.
- वैदिक मंत्रोच्चार के बीच राधा रानी का विधि विधान से महाभिषेक कराया.
- इस विशेष अभिषेक में परंपरा के अनुसार दूध, दही, शहद, घृत, चंदन, केसर, जल, पंचामृत और विभिन्न जड़ी बूटियों का इस्तेमाल किया गया.
- मंदिर कमिटी के अनुसार अभिषेक के लिए 11 कुंतल दूध, 11 कुंतल दही के साथ 21 किलो शुद्ध देशी घी, 21 किलो शहद और 51 किलो बूरा इस्तेमाल किया गया.
बधाई गायन से गूंजा बरसाना
राधा अष्टमी के मौके पर बरसाना में केवल मंदिर ही नहीं, बल्कि पूरा ब्रज क्षेत्र जन्मोत्सव के उल्लास में डूबा नजर आया. जगह-जगह बधाई गायन और धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन हुआ. मान्यता है कि राधाष्टमी पर बरसाना पहुंचकर राधा रानी के दर्शन करना विशेष पुण्यदायी माना जाता है. राधा जी की कृपा हो तो व्यक्ति को श्रीकृष्ण का आशीर्वाद मिल जाता है.
लाडली जी मंदिर का इतिहास
बरसाना का श्री राधा रानी मंदिर, जिसे लाड़ली जी मंदिर, श्रीजी मंदिर या राधा रानी का महल भी कहा जाता है, ब्रज के प्रमुख राधा-कृष्ण तीर्थों में से एक है, जो भानुगढ़, ब्रह्मांचल पहाड़ी की चोटी पर स्थित है. धार्मिक परंपरा के अनुसार मंदिर की मूल स्थापना भगवान श्रीकृष्ण के प्रपौत्र राजा वज्रनाभ ने की थी. लाड़ली जी मंदिर केवल एक प्राचीन धार्मिक स्थल नहीं, बल्कि ब्रज की राधा-कृष्ण भक्ति परंपरा के विकास का महत्वपूर्ण केंद्र है.
FAQs
राधा अष्टमी पर बरसाना में क्या खास हुआ?
लाड़ली जी मंदिर में तड़के राधा रानी का महाभिषेक हुआ और दर्शन के लिए भक्तों की भारी भीड़ उमड़ी.
राधा रानी के महाभिषेक में कितना दूध-दही लगा?
मंदिर प्रबंधन के अनुसार महाभिषेक में 11-11 कुंतल दूध और दही समेत घी, शहद और बूरा भी इस्तेमाल हुआ.
लाड़ली जी मंदिर का दूसरा नाम क्या है?
बरसाना के इस मंदिर को राधा रानी मंदिर, श्रीजी मंदिर और राधा रानी का महल भी कहा जाता है.
राधा रानी की पूजा सुबह या दोपहर, किस समय करना सही है ?
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