Headlines

मुजफ्फरनगर में छात्र की आत्महत्या पर SSP की अपील, बोले- ‘फेल होने पर खत्म नहीं होती जिंदगी’


पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जनपद मुजफ्फरनगर से एक बेहद दर्दनाक और झकझोर देने वाली खबर सामने आई है. यहां सिविल लाइन थाना क्षेत्र की साकेत कॉलोनी में 11वीं कक्षा के एक छात्र ने परीक्षा में फेल होने से निराश होकर फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली. मृतक छात्र अपने पीछे एक सुसाइड नोट भी छोड़ गया है, जिसके शब्द पढ़कर हर किसी की आंखें नम हो गई हैं.

जानकारी के अनुसार, मृतक छात्र नई मंडी थाना क्षेत्र स्थित ‘ग्रीन चैंबर स्कूल’ में 11वीं कक्षा का विद्यार्थी था. बताया जा रहा है कि हाल ही में आए परीक्षा परिणामों में फेल होने के कारण वह काफी हताश होकर घर लौटा था. आत्महत्या से पहले लिखे गए सुसाइड नोट में छात्र ने अपने परिजनों से माफी मांगते हुए लिखा है— “अगर कोई गलती हो गई हो तो माफ कर देना, अब से कोई गलती नहीं होगी… गुड बाय एवरीवन.”

दोस्तों के पहुंचने पर हुआ दर्दनाक खुलासा

छात्र ने यह खौफनाक कदम गुरुवार को उस वक्त उठाया जब घर पर कोई सदस्य मौजूद नहीं था. छात्र के दोस्तों ने जब उसे फोन किया और उसने कॉल रिसीव नहीं की, तो वे चिंतित होकर उसके घर पहुंचे. वहां पहुंचने पर उन्हें इस दर्दनाक घटना का पता चला. आनन-फानन में परिजनों ने कमरे में प्रवेश कर छात्र को फंदे से उतारा और तुरंत अस्पताल ले गए, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी. डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया.

परिजनों ने कानूनी कार्रवाई से किया इनकार

जवान बेटे की मौत के बाद परिजनों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है और उनका रो-रोकर बुरा हाल है. पुलिस का कहना है कि परिजनों ने इस मामले में किसी भी तरह की कानूनी कार्रवाई करने से साफ इनकार कर दिया है.

SSP मुजफ्फरनगर की अभिभावकों और छात्रों से अपील

इस हृदयविदारक घटना पर मुजफ्फरनगर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) संजय कुमार वर्मा ने गहरा दुख व्यक्त किया है. उन्होंने समाज, अभिभावकों और छात्रों के लिए एक बेहद मार्मिक संदेश जारी किया है:

  • अभिभावकों से: “जिंदगी बहुत महत्वपूर्ण है. यदि बच्चों को कोई असफलता मिल जाए, तो उन्हें ताना न मारें और न ही कोई ऐसी बात कहें जो उनके दिल-दिमाग पर गहरा असर कर जाए और वे फ्रस्ट्रेट होकर ऐसा कोई कदम उठा लें.”
  • छात्रों से: “सफलता पहली बार में नहीं मिलती, तो दूसरी या तीसरी बार में जरूर मिलती है. असफलता पर हमेशा उम्मीद बनाए रखनी चाहिए. कई बार बहुत खराब मार्क्स लाने वाले या थर्ड डिवीजन पास होने वाले बच्चे भी आगे चलकर IAS, PCS, इंजीनियर और डॉक्टर बनते हैं. असफलता से निराश होकर जीवन समाप्त करने का विचार कभी मन में न लाएं.”    

ये भी पढ़ें: ‘ये गलत आंकड़ा बता रहे हैं’, लोकसभा में अमित शाह को अखिलेश यादव ने टोका 



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *