तमिलनाडु बीजेपी के पूर्व अध्यक्ष के. अन्नामलाई ने मुख्यमंत्री जोसेफ विजय की हालिया लंदन यात्रा की आलोचना की है. उन्होंने कहा है कि तमिलनाडु में इंवेस्टमेंट लाने के लिए यूके सही जगह नहीं है. राज्य सरकार को भारत के भीतर से निवेश आकर्षित करने पर ज्यादा ध्यान देना चाहिए, क्योंकि भारत अब 4.1 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था है, जबकि यूके 3.4 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था है.
सीएम विजय पर साधा निशाना
अन्नामलाई ने कहा, आज भारत की अर्थव्यवस्था 4.1 ट्रिलियन डॉलर की है, जबकि UK की अर्थव्यवस्था 3.4 ट्रिलियन डॉलर की है. यहां से इतने बड़े डेलिगेशन के साथ उस देश में जाने और फिर यह पूछने का क्या मतलब है कि क्या वे इस व्यक्ति से मिले, क्या वे उस व्यक्ति से मिले, क्या उन्होंने उन्हें देखा, क्या वे अंदर गए? इन सब बातों का क्या मतलब है? अन्नामलाई ने दावा किया कि यूके में नए निवेश की गुंजाइश सीमित है और लंदन को “डेड इकोनॉमी” बताया.
मैं लंदन को बहुत अच्छे से जानता हूं. वो एक डेड इकोनॉमी है. वहां पर कोई पैसा नहीं है. यूके की ग्रोथ सिर्फ 1 परसेंट है. अगर आप वहाँ जाकर उनसे तमिलनाडु में पैसा इन्वेस्ट करने के लिए कहेंगे, तो वे क्या पैसा देंगे?”
तमिलनाडु के बड़े इंडस्ट्रियल सेंटर पर फोकस करो
के. अन्नामलाई ने सुझाव दिया कि विजय को तमिलनाडु के बड़े औद्योगिक केंद्रों का दौरा करना चाहिए और स्थानीय व्यवसायों से सीधे बातचीत करनी चाहिए. अन्नामलाई ने कहा, “मुख्यमंत्री को चेन्नई से लंदन के लिए एमिरेट्स की उड़ान लेने के बजाय, चेन्नई से कोयंबटूर या मदुरै के लिए इंडिगो की उड़ान लेनी चाहिए.” उन्होंने सुझाव दिया कि राज्य सरकार तमिलनाडु में पहले से काम कर रही कंपनियों को अपना कारोबार बढ़ाने के लिए प्रोत्साहित करने के लिए टैक्स में छूट दे सकती है.
उन्होंने कहा, “आइए, यहां पहले से मौजूद उद्योगपतियों के साथ बैठक करें. उनसे कहें, ‘अगर आप अपनी प्रोडक्शन यूनिट का विस्तार करते हैं, तो आपको 50 प्रतिशत टैक्स नहीं देना होगा. सरकार उस 50 प्रतिशत का भार उठाएगी. इससे उन्हें निवेश करने के लिए प्रोत्साहन मिलेगा.”
अन्नामलाई ने निवेश के लिए संभावित जगहों के तौर पर मदुरै, कोयंबटूर और कोविलपट्टी के साथ-साथ मुंबई, दिल्ली और बेंगलुरु जैसे बड़े भारतीय शहरों का भी खास तौर पर ज़िक्र किया. उन्होंने कहा, “मदुरै आएं और मदुरै चैंबर ऑफ कॉमर्स और उद्योग से जुड़े लोगों से मिलें. कोयंबटूर जाएं और टेक्सटाइल मिलों, ऑटोमोबाइल उद्योग और फाउंड्री को प्रोत्साहित करें.”
बता दें विजय ने 10 सितंबर से UK की छह दिन की आधिकारिक यात्रा की. उन्होंने एक सरकारी प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व किया, जिसका मुख्य मकसद निवेश आकर्षित करना और औद्योगिक व मोटरस्पोर्ट्स के मौकों को तलाशना था.
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