लखनऊ में 68,500 सहायक शिक्षक भर्ती के अभ्यर्थियों ने भारतीय जनता पार्टी के मुख्यालय में घुसकर प्रदर्शन किया. प्रदर्शनकारियों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी की. प्रदर्शन में शामिल दिव्यांग अभ्यर्थी जमीन पर लेट गए. इस उन्हें हटाने के लिए पहुंची पुलिस से उनकी नोकझोक भी हुई. प्रदर्शनकारियों ने 2018 की भर्ती में आरक्षण का लाभ देने और 5% छूट के आधार पर संशोधित चयन सूची जारी करने की मांग की.
अभ्यर्थी आशुतोष वर्मा ने बताया कि हम सब पिछले आठ साल से नियुक्ति का इंतजार कर रहे हैं. 68,500 सहायक शिक्षक भर्ती में आरक्षण के प्रावधानों को सही तरीके से लागू नहीं किया गया. राज्य और राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग की ओर से भी आरक्षण से जुड़े नियमों के पालन के निर्देश दिए गए हैं. हम सबकी मांग है कि आयोग के आदेशों को लागू करते हुए भर्ती की संशोधित चयन सूची जारी की जाए. नियुक्ति की प्रक्रिया को लेकर उनका संघर्ष जारी है.
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प्रदर्शनकारी में लगाया कपड़े फाड़ने का आरोप
बीजेपी दफ्तर पर प्रदर्शन करने वाले प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि पुलिस ने उन्हें जबरन हटाए. कपड़े फाड़े और बदसलूकी की. पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लेकर ईको गार्डन भेज दिया. प्रदर्शन में बड़ी संख्या में दिव्यांग अभ्यर्थी भी शामिल रहे.
क्या है अभ्यर्थियों की मुख्य मांग?
प्रदर्शनकारियों के मुताबिक 2018 में 68,500 सहायक शिक्षकों की भर्ती निकाली गई थी. इसमें दिव्यांग, भूतपूर्व सैनिक, अनुसूचित जाति और पिछड़ा वर्ग से जुड़े अभ्यर्थियों के लिए 5% छूट का प्रावधान था. पर इन श्रेणियों के अभ्यर्थियों को छूट का लाभ नहीं मिला. सामान्य अभ्यर्थियों के साथ ही परिणाम जारी कर दिया गया. इसी को लेकर वे संशोधित चयन सूची जारी करने और आरक्षण संबंधी प्रावधानों को लागू करने की मांग कर रहे हैं.
आपको बता दें कि, 68,500 सहायक शिक्षक भर्ती के अभ्यर्थी अपनी मांगों को लेकर समय-समय पर प्रदर्शन करते रहे हैं. एक बार फिर शिक्षक भर्ती के अभ्यर्थियों ने अपनी मांगों को लेकर आवाज बुलंद की है.
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