पीलीभीत की केजीएन कालोनी में प्रशासन का बुलडोजर गरजा है. बिना नक्शा पास कराए अवैध रूप से बसाई जा रही कालोनी और उसमें हो रहे अवैध निर्माणों पर नगर मजिस्ट्रेट ने भारी पुलिस बल के साथ बड़ी कार्रवाई की है. बताया जा रहा है कि यह अवैध कालोनी जिले के एक चर्चित सपा नेता द्वारा विकसित की जा रही थी. बुलडोजर की इस कार्रवाई से मौके पर हड़कंप मच गया. वहीं पीड़ितों ने सपा नेता पर धोखाधड़ी का आरोप लगाते हुए कड़ी कार्रवाई की मांग की है. यह कार्रवाई डीएम आलोक कुमार के आदेश पर की गई है.
दरअसल, पीलीभीत के थाना कोतवाली क्षेत्र स्थित केजीएन कालोनी में उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब नगर मजिस्ट्रेट भारी पुलिस बल के साथ अचानक बुलडोजर लेकर मौके पर पहुंच गए. प्रशासन की टीम ने बिना नक्शा पास कराए धड़ल्ले से बनाए जा रहे अवैध निर्माणों को ध्वस्त करना शुरू कर दिया. देखते ही देखते बुलडोजर ने अवैध आशियाने को ढहा दिया.
लखनऊ में कांग्रेस का प्रदर्शन, मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग
सपा नेता पर पीड़ितों ने लगाया धोखाधड़ी का आरोप
पीड़िता का कहना है कि हमने तो सपा नेता से प्लाट खरीद कर अपनी गाढ़ी कमाई से घर बनाया था. हमारे आशियाने को इस तरह बिना किसी राहत के तोड़ दिया गया. सपा नेता ने हमें जमीन बेचते वक्त यह क्यों नहीं बताया कि यह कालोनी अवैध है? कार्रवाई तो उस सपा नेता पर होनी चाहिए जिसने हमें धोखे में रखकर यह जमीन बेची.
सपा नेता पर सख्त कार्रवाई की मांग
इस पूरी कार्रवाई के बाद इलाके में हड़कंप का माहौल है. पीड़ित परिवार अब इंसाफ की गुहार लगा रहा है और प्लाट बेचने वाले सपा नेता के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की मांग कर रहा है. वहीं, प्रशासन का कहना है कि जिले में बिना नक्शा पास कराए किसी भी तरह का अवैध निर्माण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और यह बुलडोजर कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी.
राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में चंपत राय समेत 133 गवाह बनाए गए
