रोहतास जिले के बिक्रमगंज अनुमंडल में मंगलवार को नौवीं और दसवीं क्लास के कुछ छात्रों द्वारा स्मार्ट क्लास में कथित तौर पर ‘अहिरे के चलल बा, अहिरे के चली’ गाना बजाकर डांस करने का मामला सामने आया है. ये मामला दावथ थाना क्षेत्र के डेढ़गांव गांव स्थित हाई स्कूल का है. छात्रों के डांस का वीडियो बनाए जाने के बाद सोशल मीडिया पर प्रसारित होने लगा. वीडियो सामने आने के बाद शिक्षा विभाग और प्रशासनिक स्तर पर मामले को लेकर सक्रियता बढ़ गई है.
मामले की जानकारी मिलने के बाद दावथ के प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी आनंद किशोर सिंह बुधवार (23 सितंबर) को स्कूल पहुंचे. उन्होंने स्कूल मैनेजमेंट से पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली और मामले को लेकर स्पष्टीकरण मांगा. इसके बाद स्कूल के प्रधान शिक्षक एलबी राय ने घटना में शामिल बताए जा रहे 14 छात्रों को चिन्हित किया. स्कूल स्तर से इन छात्रों के खिलाफ निष्कासन की कार्रवाई किए जाने की जानकारी सामने आई है.
डीएम ने जांच टीम गठित करने का दिया निर्देश
मामले की गंभीरता को देखते हुए रोहतास के जिला पदाधिकारी दीपक कुमार मिश्रा ने जांच टीम गठित करने का निर्देश दिया है. प्रशासन के अनुसार जांच टीम पूरे घटनाक्रम की जांच कर अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करेगी. रिपोर्ट के आधार पर संबंधित छात्रों अथवा अन्य जिम्मेदार व्यक्तियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई किए जाने की बात कही गई है.
सिर्फ छात्रों पर कार्रवाई को लेकर ग्रामीणों ने उठाए सवाल
घटना के बाद डेढ़गांव के ग्रामीणों में भी नाराजगी है. ग्रामीणों का कहना है कि यदि छात्रों ने स्मार्ट क्लास में जाकर इस तरह की गतिविधि की है तो उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जा सकती है, लेकिन पूरे मामले की जांच केवल छात्रों तक सीमित नहीं रहनी चाहिए. ग्रामीणों ने यह भी सवाल उठाया है कि स्मार्ट क्लास का कमरा उस समय छात्रों के लिए कैसे खुला और वहां छात्रों को प्रवेश की अनुमति किस स्तर से मिली. घटना के समय संबंधित शिक्षक या स्कूल के अन्य कर्मी कहां थे, इसकी भी जांच की जानी चाहिए.
स्मार्ट क्लास की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल
ग्रामीणों के अनुसार स्कूलों में स्मार्ट क्लास की सामग्री और डिजिटल उपकरणों की सुरक्षा के लिए सामान्यतः निर्धारित व्यवस्था रहती है. ऐसे में यह पता लगाया जाना आवश्यक है कि छात्रों को स्मार्ट क्लास में प्रवेश कैसे मिला और वहां गाना चलाने तथा वीडियो बनाने की स्थिति कैसे उत्पन्न हुई.
ग्रामीणों का कहना है कि जांच के दौरान यह भी स्पष्ट किया जाना चाहिए कि घटना पूरी तरह छात्रों की अनुशासनहीनता का परिणाम थी या स्कूल स्तर पर निगरानी में भी कोई कमी रही. हालांकि इन बिंदुओं पर अंतिम स्थिति जांच रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट होगी.
निष्पक्ष जांच के बाद जिम्मेदारी तय करने की मांग
ग्रामीणों ने प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है. उनका कहना है कि मामला स्कूल की अनुशासन व्यवस्था और प्रतिष्ठा से जुड़ा है, इसलिए किसी एक पक्ष को जिम्मेदार मानने से पहले घटना से जुड़े सभी पहलुओं की जांच आवश्यक है.
ग्रामीणों ने मांग की है कि जांच टीम छात्रों की भूमिका के साथ-साथ स्मार्ट क्लास की सुरक्षा व्यवस्था, छात्रों के प्रवेश, उस समय स्कूल में मौजूद शिक्षकों की जिम्मेदारी और स्कूल मैनेजमेंट की निगरानी व्यवस्था की भी जांच करे. जांच रिपोर्ट के आधार पर जो भी व्यक्ति जिम्मेदार पाया जाए, उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाए.
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