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‘स्वीकार्य नहीं..’, ईरान की मदद करने पर ट्रंप ने शी जिनपिंग से क्या कहा?


चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग का अमेरिकी दौरा आखिरी पड़ाव पर है. कुछ घंटों बाद वह बीजिंग के लिए उड़ान भरेंगे. ऐसे में दौरे के आखिरी दिन भी सभी की निगाहें दोनों नेताओं के बीच हुई बातचीत को लेकर लगी रहीं. सीबीएस न्यूज की मानें तो इस यात्रा के बारे में फिलहाल व्हाइट हाउस की तरफ से ज्यादा जानकारी नहीं दी गई है. 

हालांकि, फॉक्स न्यूज से बात करते हुए चीन में अमेरिकी राजदूत डेविड परड्यू ने कहा है कि शी के साथ हुई बातचीत में ट्रंप ने साफ तौर पर बताया कि इस युद्ध में ईरान को समर्थन देने के मामले में ईरान के साथ कोई भी लेन-देन मंजूर नहीं है. इसके अलावा ट्रंप ने कई बड़े बिजनेस और टेक लीडर्स की मौजूदगी में शी जिनपिंग और उनकी पत्नी की तारीफ करते हुए बेहतरीन और कमाल के लोग बताया है. हालांकि दोनों नेताओं ने दोनों देशों को मजबूत रिश्तों पर जोर दिया.

चीन ने ईरान को मदद न करने का किया वादा

इसके अलावा जो जानकारी निकलकर सामने आई है, उसके मुताबिक, अमेरिकी राजदूत ने कहा है कि चीन ने ईरान की मदद न करने का वादा किया है. ट्रंप की तरफ से कहा गया है कि चीन का किसी भी तरह से युद्ध में ईरान की मदद करना स्वीकार्य नहीं है. डेविड ने बताया कि चीन ने कुछ ऐसी मदद दी है, जो सीधे या दूसरी तरीकों से ईरान पहुंची है. 

वॉल स्ट्रीट जर्नल के मुताबिक, चीनी संस्थाओं ने जॉर्डन में एक बेस की सैटेलाइट तस्वीरें ईरान को दी थीं. इसके बाद ईरान ने घातक हमले किए. इनमें तीन अमेरिकी सैनिक मारे गए. अन्य घायल हो गए.

किसी तरह के समझौते की जानकारी नहीं दी गई

इसके अलावा व्हाइट हाउस स्टेट डिनर के दौरान जिनपिंग ने कहा है कि राष्ट्रपति ट्रंप ने दिन के पहले ईमानदारी से और आत्मीयता से बातचीत की है. कई मुद्दों पर आम सहमति बनाई है. शी ने ट्रांसलेटर के जरिए कहा है कि इससे रणनीतिक स्थिरता वाले चीन अमेरिका के रचनात्मक रिश्तों को नई मजबूती मिली है. हालांकि, यह सामने नहीं आया है कि दोनों देशों के बीच किसी तरह का समझौता हुआ है या नहीं. 

अमेरिका का संविधान दिखाया
चीन के नेता की राजकीय यात्रा के आखिरी पड़ाव के दौरान शी और उनकी पत्नी और ट्रंप परिवार ने नेशनल आर्काइव्स का दौरा किया है. नेशनल आर्काइविस्ट ब्रैकफोर्ड विल्सन ने नेताओं और उनकी पत्नियों को डिक्लेरेसन ऑफ इंडिपेंडेंस और अमेरिकी संविधान दिखाया. हालांकि, ट्रंप ने यह हिन्ट जरूर दिया है कि इन बैठकों के जरिए सबकुछ हासिल कर लिया गया है. 





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