लोकसभा में सरकार को दो-तिहाई बहुमत न मिलने पर महिला आरक्षण से जुड़ा संविधान संशोधन बिल गिर गया. लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कहा कि इस बिल पर विचार करने पर मत विभाजन के दौरान पक्ष में 298 और विरोध में 230 वोट पड़े. इस बीच प्रतिक्रियाओं का दौर जारी है.
अयोध्या में बाबरी मस्जिद के पक्षकार रहे इकबाल अंसारी ने प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने कहा कि हमारे देश में सभी धर्मों की महिलाओं का सम्मान है. महिलाएं हर जगह काम आती हैं. कहीं बेटी-मां और बहन के रूप में काम आती हैं. हर व्यक्ति सोचता है कि महिलाओं का सम्मान होना चाहिए.
विपक्ष ने महिला आरक्षण को पारित नहीं होने दिया- इकबाल अंसारी
इकबाल अंसारी ने कहा कि महिलाओं के लिए सरकार ने कदम उठाया था, लेकिन विपक्ष ने इसको पारित नहीं होने दिया. यह दुर्भाग्यपूर्ण है. मेरा मानना है कि महिलाओं को बराबरी का सम्मान मिलना चाहिए. उन्होंने आगे कहा कि जितनी भी पार्टियां हैं सभी को हर अच्छे काम के लिए सोचना चाहिए. जो अच्छा है वह काम होना चाहिए. उन्होंने कहा कि महिलाओं का सम्मान होना चाहिए. महिलाएं हर जरूरत की जगह पर काम आती हैं.
उन्होंने आगे कहा कि नौकरी या आरक्षण हर जगह महिलाओं को बराबर का हिस्सा मिलना चाहिए. हमारा मानना भी यही है और समाज भी यही कहता है. इसलिए यह होना चाहिए. उन्होंने कहा कि बिल पास होना चाहिए था, लेकिन नहीं हुआ यह दुर्भाग्यपूर्ण है. महिलाओं का सम्मान जरूरी है.
महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण को लेकर आया था बिल
सदन में विशेष सत्र के दौरान महिलाओं को 33 फीसदी आरक्षण देने के लिए संशोधन विधेयक लाया गया था. जिसे विपक्ष ने गिरा दिया है. इसके बाद सत्ता पक्ष ने विपक्ष के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है. स्पीकर ओम बिरला ने कहा कि अब इस बिल पर आगे की कार्यवाही पर फैसला संभव नहीं है, क्योंकि यह बिल विचार करने के लिए पेश किए जाने के लेवल पर ही गिर गया है.
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